
जिले के 1.24 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ, ब्लॉक स्तर पर किसान सम्मेलन आयोजित धमतरी।कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में धान उपार्जन करने वाले किसानों को आदान सहायता राशि वितरण हेतु आज धमतरी सहित जिले के सभी विकासखंडों कुरूद,मगरलोड और नगरी में किसान सम्मेलन आयोजित किए गए। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम नवीन कृषि उपज मंडी श्यामतराई, धमतरी में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी से बटन दबाकर प्रदेश के 24 लाख 28 हजार किसानों के बैंक खातों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की कृषि आदान सहायता राशि एकमुश्त अंतरित की गई। इस अवसर का सीधा प्रसारण धमतरी जिले के कार्यक्रम स्थल पर भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले धमतरी जिले के 1 लाख 24 हजार 463 किसानों के खातों में 434 करोड़ 77 लाख रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे जमा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर नगर निगम धमतरी रामू रोहरा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय द्वारा होली से पूर्व किसानों को दी गई यह सौगात उनके लिए दीपावली जैसा उत्साह लेकर आई है। राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, फसल विविधीकरण करने तथा शासकीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आह्वान किया।विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों, गरीबों एवं पिछड़े वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी एवं बोनस का भुगतान किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाएं किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पूर्व विधायक रंजना साहू ने कहा कि कृषक उन्नति योजना किसानों के लिए संबल सिद्ध हो रही है। धान खरीदी की सीमा में वृद्धि तथा बेहतर व्यवस्थाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आगामी 10 वर्ष धमतरी जिले के विकास के स्वर्णिम वर्ष सिद्ध होंगे। भारतमाला परियोजना के तहत विकसित हो रही सड़क से विशाखापट्टनम की दूरी लगभग पांच घंटे में तय की जा सकेगी, जिससे कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आगामी समय में रेल सेवा प्रारंभ होने तथा राइस मिलों के लिए गुडशेड निर्माण से किसानों को परिवहन सुविधा में राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए 22 उपार्जन केंद्रों को अब समिति बनाई जा रही है। साथ ही चना एवं सरसों की खरीदी जारी है, फसलों को सुरक्षित रखने 2500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदाम का निर्माण प्रगति पर है। मंडी परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नवीन मंडी निर्माण की कार्ययोजना तैयार की गई है। राज्य शासन द्वारा अधोसंरचना विकास के लिए जिले को 400 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रमुख सड़कों का उन्नयन, तट संरक्षण एवं अन्य विकास कार्य आगामी दो वर्षों में पूर्ण किए जाएंगे। पर्यटन विकास की दिशा में महानदी उद्गम स्थल, रुद्रेश्वर मंदिर, थेमली आइलैंड और रामटेकरी जैसे स्थलों को विकसित करने की कार्ययोजना पर भी कार्य किया जा रहा है, जिससे स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जिले में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा उन्नत खेती, जैविक कृषि, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण तथा शासन की योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई। उपस्थित किसानों ने योजना से प्राप्त सहायता राशि पर संतोष व्यक्त करते हुए शासन के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर क्षेत्र का पंचायत पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में किसान एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।






