
बालोद :– जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) श्री ताजुद्दीन आसिफ ने दुष्कर्म के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी रमेश पुरी (55 वर्ष), निवासी सम्बलपुर, थाना डौण्डीलोहारा, जिला बालोद को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 64 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड, धारा 332 (बी) के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 351 (3) के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 16 नवंबर 2025 को पीड़िता ने थाना डौण्डीलोहारा में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 15 नवंबर 2025 की दोपहर वह घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी पीछे की ओर से घर में घुस आया और उसे कमरे में ले जाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाया। विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता की शिकायत पर तत्कालीन महिला प्रधान आरक्षक लिलेश्वरी देवांगन द्वारा थाना डौण्डीलोहारा में अपराध क्रमांक 148/2025 दर्ज किया गया। विवेचना पूर्ण होने के बाद 19 दिसंबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक सनद कुमार श्रीवास्तव ने पैरवी की। मामले की संपूर्ण विवेचना सहायक उपनिरीक्षक अनित राम यादव द्वारा की गई। न्यायालय ने प्रस्तुत ठोस एवं प्रबल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए उक्त सजा सुनाई।
तथा निर्णय दिनांक से दो माह की अवधि के भीतर पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, 2018 के अंतर्गत पीड़ित क्षतिपूर्ति निधि से पीड़िता/अभियोक्त्री को पर्याप्त प्रतिकर प्रदान किये जाने का आदेश पारित किया गया।






