“रायपुर में रमज़ान की रौनक, नूरजहाँ होटल में इफ़्तार का इंतज़ाम”

रायपुर में रमज़ान की रौनक — नूरजहाँ होटल में रोज़ेदारों के लिए रोज़ाना इफ़्तार, मालिक का भाईचारे का पैग़ाम

रायपुर :— रमज़ान का पवित्र महीना रहमतों और बरकतों का महीना माना जाता है। इस महीने में रोज़ेदारों के लिए इफ़्तार और सहरी के खास इंतज़ाम किए जाते हैं और शहर का माहौल इबादत, भाईचारे और रौनक से भरा रहता है।
रमज़ान के इस मुबारक महीने का पहला अशरा (रहमत का) 10वें रोज़े के साथ पूरा हो गया है। 11वें रोज़े से दूसरा अशरा, जो मग़फिरत का माना जाता है, शुरू हो चुका है। शुक्रवार (जुमा) को 16वां रोज़ा पूरा हुआ और रविवार 8 मार्च को 18वां रोज़ा गुजर गया। अब 20वें रोज़े के बाद तीसरा अशरा शुरू होगा, जिसे जहन्नम से निजात का अशरा कहा जाता है।


रमज़ान के इस पाक महीने में बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और मोहल्लों में भी इफ़्तार और सहरी का सिलसिला पूरे जोश के साथ जारी है। खासकर रायपुर शहर में रमज़ान के दौरान खास चहल-पहल देखने को मिलती है। बैजनाथ पारा, मौदहापारा, बैरनबाजार और राजातालाब जैसे इलाकों में रोज़ेदारों के लिए इफ़्तार और सहरी के विशेष इंतज़ाम किए जाते हैं।


इसी कड़ी में बैजनाथ पारा स्थित नूरजहाँ होटल में रमज़ान के पूरे महीने रोज़ेदारों के लिए बेहतरीन इफ़्तार का इंतज़ाम किया जाता है। होटल मालिक अब्दुल कलाम स्वयं मोर्चा संभालकर रोज़ेदारों की सेवा में लगे रहते हैं। होटल के बाहर राहगीरों को बड़े अदब से आवाज़ देकर इफ़्तार में शामिल होने की दावत दी जाती है — “आओ इफ़्तार में शरीक हो।”
इफ़्तार के बाद वहीं मगरिब की नमाज़ अदा की जाती है और रोज़ेदारों के लिए चाय का भी इंतज़ाम रहता है।


होटल मालिक अब्दुल कलाम ने कहा कि रमज़ान का महीना सेवा, मोहब्बत और इंसानियत का पैग़ाम देता है। रोज़ेदारों की खिदमत करना उनके लिए खुशी और खिदमत की बात है। उन्होंने कहा कि इस मुबारक महीने में हर इंसान को जरूरतमंदों की मदद और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।
रमज़ान के दौरान इन मोहल्लों की रौनक देखते ही बनती है और हर तरफ इबादत, सेवा और आपसी भाईचारे का खूबसूरत माहौल दिखाई देता है।

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