
नहर सत्याग्रह ने स्वतंत्रता आंदोलन में क्षेत्र को दी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान-:राजेंद्र शर्मा गौरव ग्राम कंडेल में बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव की जयंती पर हुआ माल्यार्पण सहित कई कार्यक्रम धमतरी-: बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव की जयंती पर उनके गृह एवं गौरव ग्राम कंडेल में उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण करते हुए ग्रामवासियों तथा आसपास के गणमान्य नागरिकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में दिए गए उनके योगदान को याद कर उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किया गौरतलब है कि सन1920 के दशक में क्षेत्र के किसानों ने नहर का टैक्स अंग्रेजों को नहीं दिया था तो उनके मवेशी सहित अन्य सामग्रियों को नीलम करने का तुगलक्की फरमान अंग्रेजों ने जारी किया था जिसके पश्चात बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध आंदोलन का शंखनाद कर दिया था जो की रातों-रात राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा और इसके परिणाम स्वरुप ही क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले सारे लोगों ने एक मंच पर आकर स्वतंत्रता आंदोलन को आगे बढ़ाया इसके ऊपर फल स्वरूप राष्ट्रपिता महात्मा गांधी दो बार कंडेल की धरती पर इस सत्याग्रह में भाग लेने के लिए आने के लिए प्रेरित हुए।उक्त अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित धर्म प्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में हमारे पूर्वजों ने अपना योगदान देकर विशिष्ट पहचान बनाई थी जिसमें बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, पंडित सुंदरलाल शर्मा, नाथू जी जगताप, यशवंत राव मेघा वाले सहित अन्य उपयोग शामिल है और इन्हीं के योगदान के परिणाम स्वरूप स्वतंत्रता का आंदोलन सफल होकर हम सबके लिए गौरवशाली विरासत के रूप में आज ही यादगार बना हुआ है इसके साथ ही विशिष्ट रूप से उपस्थित नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा ने कहा कि सन 1920 में बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव जी के द्वारा अंग्रेजों के विरुद्ध नहर सत्याग्रह के रूप में टैक्स न देने के ऐलान के बाद एकाएक राष्ट्रीय परिदृश्य पर गौरव ग्राम कंडेल को एक नई पहचान के साथ ही छत्तीसगढ़ में प्रथम बार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का आगमन हुआ जो क्षेत्र की मां भारती के प्रति समर्पण, निष्ठा, त्याग, तथा राष्ट्रभक्ति की अनुपम गाथा लिखता है। उपस्थित जनों सरपंच गिरधर सर्वा, उपसरपंच बसंती साहू,पूर्व जनपद सदस्य रामाधार साहू, पूर्व शिक्षक मुर्दा राम चंद्रवंशी कामता मच्छेंद्र ने भी संबोधित किया पंचगणों में नीरज साहू, रोशन लाल साहू ओमप्रकाश सिंह, लोको सर्वा ,जितेश लाल , मनमोहन तेलाशी, सावित्री ढीमर,जानकी साहू,तेजीन साहू, टिकेश्वरी ढीमर, लता साहू, यतिराम साहू, शंभु ढीमार, खेदूराम साहू, ओंकार नेताम, विद्या मंदिर के तानजी साहू प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एम.आर. कमलवंशी तथा आभार प्रदर्शन यतीश भूषण श्रीवास्तव द्वारा किया गया।







