
अनामिका अंबर के साथ देर रात तक गरबा में झूमे धमतरीवासी
पंडित राजेश शर्मा ने भगवा और प्रभु श्रीराम के आदर्शों का दिया संदेश, अनामिका जी को बताया सनातन राष्ट्रवाद की प्रखर कवयित्री

धमतरी। आराध्य गरबा के चौथे दिवस पर ‘श्रीराम के दीवाने’ थीम ने पूरे आयोजन को भगवामय कर दिया। भगवा ध्वजों से सजे विशाल परिसर में भक्ति, संस्कृति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवयित्री अनामिका अंबर की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। उनके आगमन पर उनके सुप्रसिद्ध गीत ‘राम भक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंहासन पर’ की गूंज के साथ पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। धमतरीवासियों ने उत्साह और उमंग के साथ रामभक्ति के रंग में रंगकर देर रात तक गरबा किया।

मां भगवती एवं प्रभु श्रीराम के पूजन-अर्चन से हुआ शुभारंभ
आराध्य गरबा के चौथे दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ मां भगवती एवं प्रभु श्रीराम के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। ‘श्रीराम के दीवाने’ थीम के अनुरूप पूरे परिसर को भगवा ध्वजों से सजाया गया था। भगवा परिधानों में पहुंचे गरबा प्रेमियों के उत्साह और रामभक्ति गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

जैसे ही अनामिका अंबर का चर्चित गीत ‘राम भक्त ही राज करेगा दिल्ली के सिंहासन पर’ गूंजा, उपस्थित जनसमूह ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया। रामभक्ति, सांस्कृतिक उल्लास और सामूहिक सहभागिता ने आयोजन को विशेष पहचान दी।
पारंपरिक खुमरी पहनाकर अनामिका अंबर का अभिनंदन

आयोजक धर्मप्रेमी समाजसेवी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा एवं उनकी सहधर्मिणी डॉ. नीतू शर्मा ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खुमरी पहनाकर कवयित्री अनामिका अंबर का आत्मीय अभिनंदन किया।
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से अतिथि का सम्मान करना स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा। अनामिका अंबर ने भी इस आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और धमतरीवासियों के साथ गरबा में सहभागिता निभाई। उनकी उपस्थिति से गरबा प्रेमियों का उत्साह और बढ़ गया। देर रात तक गरबा की धुनों पर लोग झूमते रहे।
अनामिका अंबर ने बताया पंडित राजेश शर्मा के व्यक्तित्व का सार—राजनीति पद नहीं, जनसेवा और समर्पण का माध्यम

इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवयित्री अनामिका अंबर ने पंडित राजेश शर्मा के व्यक्तित्व, धार्मिक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने राजेश शर्मा के धर्म एवं समाज के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से लोगों को जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।
अनामिका अंबर ने कहा कि पंडित राजेश शर्मा एक विशाल हृदय वाले व्यक्तित्व हैं, जिनका धर्म और समाज के प्रति समर्पण लंबे समय से देखने को मिलता रहा है। वर्षों से पारिवारिक जुड़ाव के कारण उन्हें राजेश शर्मा के सार्वजनिक जीवन और सामाजिक गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिला है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी उनके सार्वजनिक जीवन की विभिन्न झलकियां देखने को मिलती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाना तथा जरूरतमंदों की सेवा के लिए तत्पर रहना समाज के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
आराध्य गरबा जैसे बड़े आयोजन का उल्लेख करते हुए अनामिका अंबर ने कहा कि अनेक स्थानों पर इस तरह के आयोजनों में शामिल होने के लिए महंगे टिकट लेने पड़ते हैं, लेकिन पंडित राजेश शर्मा अपने शहर धमतरी के लोगों के लिए समर्पण भाव से ऐसा आयोजन करते हैं। यह अपनी मातृभूमि, अपने शहर और अपने लोगों के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि जनसेवा, सामाजिक सरोकार और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। उनके अनुसार पंडित राजेश शर्मा के व्यक्तित्व में धर्म समाजसेवा और सांस्कृतिक आयोजनों के प्रति समर्पण की झलक दिखाई देती है। राजनीति में आदर्शों की सार्थकता समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों से भी दिखाई देती है।
पंडित राजेश शर्मा बोले अनामिका जी सनातन राष्ट्रवाद की भावना की प्रखर कवयित्री और समाज को सही दिशा देने वाली प्रेरणादायी व्यक्तित्व
आयोजक धर्मप्रेमी समाजसेवी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कवयित्री अनामिका अंबर का उल्लेख करते हुए कहा कि अनामिका जी सनातन राष्ट्रवाद की भावना की प्रखर कवयित्री हैं। उनकी कविताएं और प्रस्तुतियां भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, धर्म और सामाजिक चेतना को सशक्त स्वर देती हैं। वे अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि अनामिका जी की वाणी में सनातन मूल्यों, राष्ट्रप्रेम और जनजागरण का प्रभावशाली संगम दिखाई देता है। उनकी कविताएं युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने, राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। ऐसे रचनाकार समाज की चेतना को जागृत करने और नई पीढ़ी में संस्कारों का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पंडित राजेश शर्मा ने भगवा ध्वज और प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवा रंग भारतीय सनातन परंपरा में त्याग, तपस्या, साहस, आध्यात्मिक चेतना और समर्पण का प्रतीक रहा है। पंडित राजेश भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा ने कहाभगवा केवल एक रंग नहीं, बल्कि उन जीवन मूल्यों का स्मरण कराता है, जो व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और समाज के हित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, वचनबद्धता, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण का संदेश देता है। श्रीराम के आदर्श हमें सिखाते हैं कि परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा से करना चाहिए।पंडित राजेश शर्मा ने कहा कि रामभक्ति केवल जयघोष तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हमारे आचरण, व्यवहार और सेवा कार्यों में भी दिखाई देनी चाहिए। प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही हम एक ऐसे समाज की स्थापना कर सकते हैं, जिसमें सदाचार, परस्पर सम्मान, सेवा और सामाजिक समरसता को महत्व मिलेउन्होंने कहा कि आराध्य गरबा का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। जब हजारों लोग एक साथ मां भगवती की आराधना करते हैं, प्रभु श्रीराम का स्मरण करते हैं और भारतीय संस्कृति के रंग में रंगते हैं, तो सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलती है। पंडित राजेश शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि सनातन संस्कृति हमारी पहचान है, प्रभु श्रीराम हमारे आदर्श हैं और सेवा हमारा संकल्प है। भगवा हमें त्याग, तपस्या और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। धर्म का वास्तविक संदेश मानवता, सदाचार, परोपकार और अपने कर्तव्यों के निर्वहन में निहित है। हमें अपने संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाते हुए समाज और राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनना चाहिए।रामभक्ति, भगवा और सांस्कृतिक गौरव का संगम बना आराध्य गरबा पंडित राजेशआराध्य गरबा के चौथे दिवस पर श्रीराम के दीवाने थीम ने आयोजन को विशिष्ट पहचान दी। भगवा ध्वजों से सजा परिसर, रामभक्ति गीत, जय श्रीराम के उद्घोष, पारंपरिक खुमरी पहनाकर किया गया सम्मान और गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।अनामिका अंबर की विशेष उपस्थिति और धमतरीवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ाया। धार्मिक आस्था के साथ भारतीय संस्कृति, छत्तीसगढ़ की परंपराओं और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए आराध्य गरबा का चौथा दिवस यादगार बना।







