भारत हमारी जान, इसकी है ऋषि संस्कृति और कृषि पहचान-: विजय मोटवानी धमतरी-: ऋषि पंचमी के पवित्र दिवस के रूप में प्राचीन काल से यह परंपरा चली आ रही है कि इस दिन भारत के धर्म, अध्यात्म एवं संस्कृति के महत्वपूर्ण पोषक के रूप में विश्व पटल पर इसे स्थापित कर लोहा मनवाने वाले ऋषि, मुनियों, साधु, संत, के प्रति आदर वर्ष श्रद्धा का भाव प्रकट करते हुए समाज में उनके योगदान के लिए कृतज्ञता करना है इसी भावनाओं को शत-शत नमन करते हुए नगर निगम के पीडब्ल्यूडी अध्यक्ष विजय मोटवानी ने कृषि पंचमी की समस्त ऋषि देवों को प्रणाम करते हुए सभी का वंदन अभिनंदन कर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की है तथा उन्होंने कहा है कि हमारे देश को विश्व गुरु के रूप में यदि कोई महत्वपूर्ण कारक के रूप में स्थापित की गई है तो वह हमारी ऋषि, संस्कृति तथा कृषि है और इसे संरक्षित करके आगे बढ़ाना हम सब का धर्म है यही आज ऋषि पंचमी की सार्थक एवं समाज को पवित्र संदेश है।







