पत्नी से अवैध संबंध की रंजिश में युवक की हत्या, आरोपी को आजीवन कारावास
निर्णय दिनांक: 27 फरवरी 2026 | बालोद

बालोद :– जिला एवं सत्र व्यवहार न्यायालय बालोद के माननीय किरण कुमार जांगड़े, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश, जिला बालोद (छत्तीसगढ़) की अदालत ने हत्या के एक प्रकरण में आरोपी बालक राम बांका (उम्र 34 वर्ष), निवासी ग्राम रजही, थाना राजहरा, को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार, प्रार्थी शत्रुहन लाल रावट ने 23 नवंबर 2022 को थाना राजहरा में सूचना दी कि उसका पुत्र कामता प्रसाद 22 नवंबर 2022 की सुबह राजमिस्त्री कार्य के लिए राजहरा गया था, लेकिन वापस घर नहीं लौटा। मोबाइल फोन बंद मिलने पर परिजनों ने खोजबीन की। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि कामता प्रसाद का शव पथराटोला खार स्थित दीपक भुआर्य के खेत में पड़ा है।
घटनास्थल पर पहुंचने पर मृतक का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। उसके गले में गमछा लिपटा हुआ था तथा शरीर पर चोट के निशान थे। पास ही उसकी साइकिल, चप्पल, टोपी और टिफिन पड़ा मिला। मर्ग जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मृतक की हत्या गला दबाकर की गई थी।
जांच में सामने आया कि आरोपी बालक राम बांका को अपनी पत्नी और मृतक के बीच अवैध संबंध का संदेह था, जिसके चलते पुरानी रंजिश में उसने अपने साथी रूमन लाल भुआर्य के साथ मिलकर रास्ता रोककर मारपीट की और गमछे व कपड़े की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 425/2022 के तहत धारा 302/34, 341 एवं 201 भादंवि के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना पूरी कर 14 मार्च 2023 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक वीणा यादव द्वारा की गई।
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एट्रोसिटी) पुष्पदेव साहू ने प्रभावी पैरवी की। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।






