साहू समाज से प्रतिनिधि को राज्यसभा सदस्य बनाये जाने की माँग

राज्यसभा में साहू समाज की उपेक्षा अब और नहीं; छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने प्रमुख राजनैतिक नेतृत्व के समक्ष रखी अपनी दावेदारी रायपुर / छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और जागरूक साहू समाज अब राज्यसभा में अपने हक और प्रतिनिधित्व के लिए मुखर हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेश अध्यक्ष निरेन्द्र साहू के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत से मुलाकात कर समाज की भावनाओं से अवगत कराया। साथ ही, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से दूरभाष पर चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष निरेन्द्र साहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास की धुरी रहने वाला साहू समाज प्रदेश में बहुसंख्यक और सामाजिक रूप से सबसे अग्रणी है, इसके बावजूद आज तक राज्यसभा में समाज के किसी भी व्यक्ति को अवसर नहीं मिलना चिंता का विषय है। समाज अब चाहता है कि उसकी आवाज दिल्ली के गलियारों में भी गूंजे।‌साहू समाज ने सदैव प्रदेश के विकास और सामाजिक समरसता में अपना सर्वस्व दिया है। हम केवल संख्या में बड़े नहीं हैं, बल्कि हम जागरूक भी हैं। हमने दोनों प्रमुख दलों के नेतृत्व से विनम्र आग्रह किया है कि सामाजिक संतुलन और न्याय की कसौटी पर साहू समाज को परखें। जो दल इस बार समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए हमारे प्रतिनिधि को राज्यसभा भेजेगा, समाज भी उस दल के प्रति अपनी पूरी निष्ठा और सहयोग समर्पित करेगा। प्रदीप साहू प्रदेश संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ बयान जारी कर कहा की यह केवल एक पद की मांग नहीं है, बल्कि लाखों साहू बंधुओं के स्वाभिमान और उनकी पहचान का सवाल है। वर्षों से हम अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हर बार हमें पीछे छोड़ दिया जाता है। क्या प्रदेश के निर्माण में खून-पसीना बहाने वाले साहू समाज का हक राज्यसभा पर नहीं है आज समाज के भीतर एक गहरी कसक है, एक भावनात्मक पीड़ा है। हम उम्मीद करते हैं कि नेतृत्व हमारी इस जायज पुकार को सुनेगा और समाज को न्याय दिलाएगा। प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश संयुक्त सचिव प्रदीप साहू के साथ गोपाल साहू चुडामंडी साहू , रोबिन साहू, देवदत्त साहू, प्रवीण साहू, गोपी साहू, लुकेश साहू गुलशन सहित समाज के अन्य प्रमुख पदाधिकारी एवं सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की है कि सामाजिक न्याय के सिद्धांत के तहत साहू समाज को इस बार उच्च सदन में प्रतिनिधित्व दिया जाए।

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