“पेट्रोल खत्म, डीजल गायब… बालोद में जनता त्रस्त और शासन मस्त?”

बालोद में पेट्रोल-डीजल संकट से जनता बेहाल, शासन के दावों पर उठे सवाल

बालोद”बालोद में ईंधन संकट गहराया, जमीनी हकीकत और शासन के बयान में टकराव”

बालोद :–जिले में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत से आम जनता परेशान है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक अधिकांश पेट्रोल पंपों में “पेट्रोल-डीजल खत्म” के बोर्ड लगे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर शासन द्वारा प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है। इससे शासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा विरोधाभास नजर आ रहा है।
गुरुवार को बालोद जिले के कई पेट्रोल पंपों में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। भीषण गर्मी में लोग घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन कई जगहों पर बिना ईंधन लिए ही लौटना पड़ा। वाहन चालकों, किसानों, व्यापारियों और रोजमर्रा के कामकाज से जुड़े लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण वितरण प्रभावित हुआ है। वहीं प्रदेश की खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बयान जारी कर कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और ऑयल डिपो को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है।


अब सवाल यह उठ रहा है कि जब शासन के अनुसार पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, तो फिर बालोद जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप सूखे क्यों पड़े हैं? यदि सप्लाई व्यवस्था सुचारु है तो आम जनता को घंटों लाइन में लगने और खाली हाथ लौटने की नौबत क्यों आ रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन को केवल बयानबाजी करने के बजाय जमीनी स्तर पर व्यवस्था सुधारने की जरूरत है। लगातार बढ़ रही परेशानी के कारण लोगों में शासन और प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
जनता ने मांग की है कि शासन तत्काल स्थिति स्पष्ट करे और जिले में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर लोगों को राहत दिलाए।

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