महिमासागर, विंध्यवासिनी वार्ड में अधूरे पड़े 182एएचपी, आवासों के लिए 6.75 करोड़ की मंजूरी महापौर रामू रोहरा ने गरीबों का सपना किए साकार, अधूरे वादों पर विकास की मुहर धमतरी। शहर की राजनीति में लंबे समय से अटकी एक बड़ी योजना को आखिरकार नई रफ्तार मिल गई है। ‘सबके लिए आवास मिशन’ के अंतर्गत महिमा सागर, विंध्यवासिनी वार्ड में वर्षों से अधूरे पड़े 182 एएचपी (Affordable Housing in Partnership) आवासों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 6.75 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से वर्षों से अधर में लटकी परियोजना अब पूर्णता की ओर बढ़ेगी और गरीब परिवारों का पक्का घर का सपना साकार होगा। अधूरे निर्माण से टूटा था भरोसा महिमा सागर क्षेत्र में 182 मकानों का निर्माण कार्य पूर्व में प्रारंभ किया गया था। लेकिन कांग्रेस शासनकाल में ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण निर्माण रुक गया। आधे बने ढांचे, जर्जर दीवारें और सूनी पड़ी साइट वर्षों तक बदइंतजामी की गवाही देती रहीं।रेलवे स्टेशन क्षेत्र के विस्थापितों को भी पूर्व सरकार ने पुनर्वास का आश्वासन दिया था, परंतु जमीनी स्तर पर ठोस प्रगति नहीं हुई। गरीब परिवार किराए के मकानों या अस्थायी झोपड़ियों में रहने को मजबूर थे। महापौर की प्राथमिकता बनी आवास योजना महापौर रामू रोहरा ने पदभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले अधूरे पड़े विकास कार्यों की समीक्षा कराई। महिमा सागर के 182 आवासों को उन्होंने प्राथमिकता सूची में शामिल किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर परियोजना की वस्तुस्थिति से अवगत कराया और विशेष आर्थिक सहायता की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को समझते हुए 6.75 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की। अब तेजी से होगा निर्माण कार्य निगम सूत्रों के अनुसार, स्वीकृत राशि मिलने के बाद शेष निर्माण कार्यों—छत ढलाई, प्लास्टर, बिजली-पानी कनेक्शन, सीवरेज व्यवस्था, आंतरिक सड़क एवं नाली निर्माण—को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। नगर निगम द्वारा नए सिरे से तकनीकी मूल्यांकन कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों को समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए जाएंगे।गरीब परिवारों में जगी उम्मीद महिमा सागर और विंध्यवासिनी वार्ड के हितग्राहियों में इस घोषणा के बाद उत्साह का माहौल है। वर्षों से पक्के घर का इंतजार कर रहे परिवार अब उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही उन्हें अपना स्थायी आशियाना मिलेगा। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने अधूरे कार्य को पूरा करने की ठोस पहल की है।महापौर का बयान महापौर रामू रोहरा ने कहा जिस काम को कांग्रेसी अधूरा छोड़कर भाग गए थे, उसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरा करेगी। गरीबों के सपनों से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। हर पात्र परिवार को उसका हक दिलाना हमारी प्रतिबद्धता है। धमतरी में विकास कार्यों की रफ्तार अब रुकने वाली नहीं है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में जहां-जहां विकास योजनाएं अटकी हैं, वहां व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर उन्हें पूर्ण कराया जाएगा।महापौर रोहरा ने कहा कि गरीबों के सपनों को अधूरा छोड़ देना हमारी राजनीति नहीं है। जो कार्य वर्षों से ठप पड़े थे, उन्हें पूरा करना हमारी पहली प्राथमिकता है। नगर के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है, और इस संकल्प को हम हर हाल में पूरा करेंगे। विकास के कार्य अब रुकेंगे नहीं, बल्कि दोगुनी गति से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि धमतरी में अब दिखावे की राजनीति नहीं, बल्कि जवाबदेही और परिणाम की राजनीति होगी। अधूरे कार्यों को पूरा करना और नई योजनाओं को गति देना ही नगर निगम की कार्यसंस्कृति बनेगी। इस स्वीकृति के पश्चात निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कर समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। निगम प्रशासन द्वारा गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी, ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महिमा सागर एवं विंध्यवासिनी वार्ड के निवासियों ने महापौर रामू रोहरा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से अटके इस महत्वपूर्ण कार्य को गति देकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि मजबूत नेतृत्व ही विकास की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि अधूरे पड़े मकान अब पूरी होगा। धमतरी में अब यह चर्चा तेज है कि वर्षों से लंबित योजनाएं एक-एक कर धरातल पर उतर रही हैं। रामू है तो भरोसा है की बात एक बार फिर शहर की सियासत में गूंजने लगी है, और 182 गरीब परिवारों के चेहरे पर अपने घर की मुस्कान जल्द दिखने की उम्मीद है।ज्ञातव्य है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल में यह योजना बड़े दावों और वादों के साथ प्रारंभ की गई थी, किंतु निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण सैकड़ों परिवारों को निराशा का सामना करना पड़ा। कई परिवार किराए के मकानों में रहने को मजबूर थे, तो कई आर्थिक तंगी के बीच अपने घर के सपने को टूटते हुए देख रहे थे। अधूरी इमारतें उस समय की प्रशासनिक लापरवाही और कमजोर इच्छाशक्ति का प्रतीक बनकर खड़ी थीं। नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने इस विषय को केवल एक विकास कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और गरीबों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा माना। उन्होंने लगातार शासन स्तर पर प्रयास, विभागीय समन्वय और नियमित अनुश्रवण के माध्यम से 6.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति सुनिश्चित कराई। यह स्वीकृति उनके दृढ़ नेतृत्व, स्पष्ट सोच और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का परिणाम है।इस स्वीकृति के पश्चात निर्माण कार्य को शीघ्र प्रारंभ कर समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। निगम प्रशासन द्वारा गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी, ताकि हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरूण साव का महापौर ने जताया आभार महापौर रामू रोहरा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की राज्य सरकार गरीबों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। धमतरी के 182 परिवारों के सपनों को साकार करने के लिए जिस तत्परता से मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री ने सहयोग दिया है, उसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद करता हूं। यह केवल आर्थिक स्वीकृति नहीं, बल्कि गरीबों के विश्वास की जीत है महिमा सागर एवं विंध्यवासिनी वार्ड के निवासियों ने महापौर रामू रोहरा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से अटके इस महत्वपूर्ण कार्य को गति देकर उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि मजबूत नेतृत्व ही विकास की असली पहचान है। वार्डवासियों का कहना है कि यह केवल बजट की स्वीकृति नहीं, बल्कि विश्वास की पुनर्स्थापना है। अब धमतरी में अधूरे सपनों की जगह पूर्ण होते घरों की तस्वीर दिखाई देगी। यह 6.75 करोड़ की स्वीकृति केवल राशि नहीं, बल्कि 182 परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य की गारंटी है। धमतरी में विकास अब घोषणा नहीं, बल्कि धरातल पर साकार होती हकीकत है।







