धान खरीदी में समय-वृद्धि ने लौटाई किसान सन्तू के जीवन में मुस्कान, मुख्यमंत्री का जताया आभार

धमतरी/छत्तीसगढ़ शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में स्थायित्व, भरोसा और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है। शासन की संवेदनशीलता और समय पर लिए गए निर्णयों ने अनेक किसानों को राहत दी है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है धमतरी जिले के ग्राम कोलीयारी निवासी किसान सन्तू सोनकर की।सन्तू सोनकर के पास कुल 1 एकड़ 20 डिसमिल कृषि भूमि है, जिसमें उन्होंने धान की फसल बोई थी। फसल अच्छी हुई, लेकिन समय पर टोकन नहीं कट पाने के कारण वे निर्धारित अवधि में उपार्जन केंद्र पर धान विक्रय नहीं कर सके। यह स्थिति उनके लिए अत्यंत चिंताजनक थी, क्योंकि निजी व्यापारियों को कम दाम पर धान बेचने की मजबूरी सामने खड़ी थी।इसी बीच प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा शेष किसानों के लिए धान खरीदी की अवधि में वृद्धि का निर्णय लिया गया। यह निर्णय सन्तू सोनकर जैसे सैकड़ों किसानों के लिए संजीवनी साबित हुआ। उन्होंने समय पर ऑन लाइन आवेदन किया था । समय-वृद्धि के बाद उनका टोकन कटा और वे शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने में सफल हो सके।इस निर्णय से सन्तू सोनकर के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यदि शासन ने समय नहीं बढ़ाया होता, तो मुझे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता। मुख्यमंत्री जी के इस फैसले ने हमें नया भरोसा दिया है।उन्होंने इस सराहनीय कदम के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से धन्यवाद व्यक्त किया।

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