एमसीबी / मनेन्द्रगढ़ – नवरात्रि दुर्गा पूजा के अवसर पर पूरे भारत वर्ष में माता रानी की प्रतिमाएं या स्वरूप हर जगह जगह विराजमान किए जाते हैं। यह एक धार्मिक भाव है जो दर्शाता है कि देवी मां दुर्गा की आराधना सभी स्थानों पर होती है और उनके भक्तों के जीवन में उनका प्रभाव सर्वव्यापी है।
इस वाक्य का प्रयोग दुर्गा पूजा के दौरान विशेष रूप से होता है, जब शहर के अलग-अलग पंडालों में माता रानी की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। लोग इन मूर्तियों की पूजा करते हैं और उनके दर्शन के लिए लोग विभिन्न स्थानों पर जाते हैं।

नगर नगर में विराजी रे दुर्गा महारानी: यह एक भजन है, जिसका अर्थ है कि दुर्गा माता नगर-नगर में विराजमान हैं।
*शहर में विराजी माँ दुर्गा की प्रतिमा:* शहर में माँ दुर्गा की मूर्तियों की स्थापना को दर्शाता है।
नवरात्री पर माता रानी के दरबार में उमड़ी भक्तों की भीड़।
विभिन्न स्थानों पर विराजी माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।

शहर मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में पंचमी के बाद से नवरात्र पर्व का उल्लास देखने को मिलता है। भव्य और अलौकिक पंडालों में विराजित माता रानी की प्रतिमाओं के दर्शन करने बड़ी संख्या में लोग सडक़ों पर उतर रहे हंै। जगह-जगह जाम की स्थिति के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जयकारा सहित विभिन्न तरीकों से माता रानी की भक्ति में तल्लीन हैं। पूरा शहर मॉ जगत जननी की सेवा में रम गया है।
ब्युरो रिपोर्ट







