
लोक कर्म विभाग के प्रभारी विजय मोटवानी की मौजूदगी में बारिश में जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए अधिकारियों को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देशधमतरी। बनियापारा में पीलिया की शिकायत मिलने के बाद नगर निगम धमतरी के सभी 40 वार्डों में नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर महापौर रामू रोहरा ने गुरुवार को लोक कर्म विभाग के प्रभारी विजय मोटवानी, पिंटू यादव की मौजूदगी में निगम के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस समय निगम की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।महापौर ने कहा कि शहर के प्रत्येक वार्ड में लोगों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल मिले, यह सुनिश्चित करना निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज, गंदे पानी के प्रवेश अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पेयजल दूषित होने की संभावना रहती है। ऐसी स्थिति में छोटी सी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। इसलिए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में महापौर ने बनियापारा क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने दुर्गा चौक से शिव चौक तक करीब 200 मीटर पाइपलाइन को तत्काल बदलने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जहां पाइपलाइन पुरानी या क्षतिग्रस्त है, वहां उसकी मरम्मत के बजाय आवश्यकता के अनुसार नई पाइपलाइन बिछाने की कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में नागरिकों को परेशानी न हो।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पाइपलाइन बदलने के कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी जांच की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नागरिकों को साफ और पर्याप्त पानी मिल रहा है।शिकायतों का समय पर निराकरण जरूरी महापौर रामू रोहरा ने कहा कि निगम क्षेत्र में पेयजल से संबंधित किसी भी शिकायत को सामान्य शिकायत के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। पानी लोगों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा विषय है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वार्डों से आने वाली शिकायतों की जानकारी लेकर उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर व्यवस्था की समीक्षा न करें, बल्कि आवश्यकता के अनुसार वार्डों में जाकर पाइपलाइन, टंकियों और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का मैदानी निरीक्षण करें। जहां भी तकनीकी समस्या सामने आए, उसे तत्काल दूर किया जाए।महापौर ने कहा कि बरसात के दिनों में दूषित पानी के कारण विभिन्न प्रकार की जलजनित बीमारियों का खतरा रहता है। ऐसे में पेयजल की शुद्धता बनाए रखना बेहद जरूरी है। जिसे जल विभाग के प्रभारी अखिलेश सोनकर कार रहे हैं।उन्होंने अधिकारियों से जलापूर्ति व्यवस्था के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल नागरिकों तक पहुंचाना है। इसके लिए जलस्रोतों, पाइपलाइनों और पानी की टंकियों की नियमित निगरानी आवश्यक है।महापौर ने कहा कि धमतरी नगर निगम के सभी 40 वार्डों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जहां पुरानी पाइपलाइन के कारण परेशानी है, वहां पाइपलाइन बदलने, लीकेज दूर करने और आवश्यकता के अनुसार अन्य तकनीकी सुधार करने की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बरसात के दौरान किसी भी वार्ड में पेयजल आपूर्ति बाधित न हो और यदि किसी कारण से समस्या उत्पन्न होती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए। नागरिकों को परेशानी होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।बैठक में बीजेपी पार्षद सहित नगर निगम के संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। महापौर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिकों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि पेयजल व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर निगम पूरी गंभीरता के साथ काम करेगा।






