सीतापुर : पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की दिनदहाड़े हत्या के मामले में वांछित दो सुपारी किलर भाइयों को गुरुवार सुबह सीतापुर जिले के पिसावां इलाके में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और सीतापुर पुलिस के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी), कानून-व्यवस्था, अमिताभ यश के अनुसार, राजू तिवारी उर्फ रिजवान और संजय तिवारी उर्फ शिबू उर्फ शकील खान, जवाबी गोलीबारी में घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि 8 मार्च को बाजपेयी की हत्या में कथित संलिप्तता के लिए दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम था। 8 मार्च को सीतापुर के महोली थाना क्षेत्र के व्यस्त लखनऊ-दिल्ली राजमार्ग पर हिंदी अखबार के पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
एडीजी ने कहा कि दोनों ने एक पुराने मामले में जमानत पर रिहा होने के तुरंत बाद हत्या को अंजाम दिया। पुलिस ने कहा कि भाइयों के पिता हिंदू और मां मुस्लिम हैं। उनके आधिकारिक दस्तावेजों में हिंदू नाम दर्ज हैं, जबकि उन्हें मुस्लिम उपनामों से भी जाना जाता था। एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों का हिंसक अपराधों का इतिहास रहा है और उनके खिलाफ हत्या, डकैती और लूटपाट सहित दो दर्जन से ज़्यादा मामले दर्ज हैं। राजू 2006 में लखीमपुर खीरी में सब-इंस्पेक्टर परवेज़ अली की हत्या का आरोपी था और उसने कथित तौर पर अधिकारी की रिवॉल्वर छीन ली थी। वहीं, संजय 2011 में सीतापुर में देवी सहाय शुक्ला नामक व्यक्ति की हत्या में कथित तौर पर शामिल था। पत्रकार हत्याकांड की जाँच के दौरान दोनों के नाम सामने आने के बाद एसटीएफ और सीतापुर पुलिस की एक संयुक्त टीम हफ़्तों से दोनों पर नज़र रख रही थी।
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