इस पर आरआई द्वारा सीमांकन करने के लिए 30 हजार रुपये की मांग की गई थी। रुपये नहीं देने पर आरआई ने नक्शों में बंटान दर्ज नहीं की और न्यायालय में रिपोर्ट पेश कर दी कि सीमांकन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने नक्शा सीट में छेड़छाड़ कर बंटान को हटा दिया गया है जबकि आयुक्त भूअभिलेख मध्यप्रदेश के रिकॉर्ड में नक्शे में आज भी बंटान दर्ज है।
किसान राजू अहिरवार ने आरोप लगाए हैं कि उनकी भूमि के खसरा-खतौनी व नक्शे में छेड़छाड़ कर सलोनी राजन सक्सेना का नाम दर्ज कर दिया है। उन्हें पता चला है कि इस कार्य के लिए 10 लाख रुपये लिए गए हैं। वहीं किसान राजेंद्र सिंह, बब्लू सिंह, भैंरो सिंह, अनूप सिंह व अन्य किसानों ने बताया कि आरआई ने 20 लाख रुपये लेकर उनकी भूमि ढाबा संचालक तीरथ शर्मा के पक्ष में कर दी थी।
खेती-किसानी छोड़ लगा रहे वृत्त के चक्कर
किसान गनपत सिंह ने बताया कि किसानों को परेशान किया जा रहा है। भू अभिलेख दुरुस्त करने के लिए मोटी रकम की मांग की जाती है। किसान अपनी खेती किसानी का कार्य छोड़कर तहसील एमपीनगर वृत्त कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं की जाती है।
इनका कहना है किसानों द्वारा जमीन के नक्शे में गड़बड़ी होने का आवेदन दिया गया है, जिसमें सुधार किया जाना है। नक्शा सुधार होने के बाद जमीन का सीमांकन कर दिया जाएगा। उनके द्वारा लगाए जा रहे अन्य सभी आरोप निराधार हैं । अतुल दुबे, राजस्व निरीक्षक
किसानों की शिकायत मुझे पता चली है। राजस्व निरीक्षक से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। लक्ष्मीकांत खरे, एसडीएम, एमपीनगर वृत्त।
ब्यूरो रिपोर्ट







