भूपेश बघेल के निवास पर उमड़ा लोक संस्कृति का उल्लास, पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी में थिरके पूर्व विधायक लेखराम साहू

छत्तीसगढ़ माटी के गौरव, किसानों के सम्मान और लोक संस्कृति के महापर्व हरेली के पावन अवसर पर आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर एक भव्य और गरिमामयी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़िया संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आतिथ्य में आयोजित इस उत्सव में प्रदेश की लोक परंपराओं, पारंपरिक गीतों और वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। इस विशेष अवसर पर पूर्व विधायक श्री लेखराम साहू एवं घनश्याम साहू सेवक राम तारक निरंजन साहू अखिलेश साहू सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं और नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा कृषि उपकरणों (नांगर, गैंती, कुदाली) और गौमाता की पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। बघेल ने छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और अन्नदाता किसान भाइयों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस भव्य आयोजन में पूर्व विधायक लेखराम साहू भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों द्वारा जब पारंपरिक और कर्णप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी जा रही थी, तब लेखराम साहू खुद को रोक नहीं पाए। मांदार और टिमकी की थाप पर उनकी सहजता और सांस्कृतिक गानों में जीवंत थिरकन ने वहां मौजूद सभी दर्शकों और अतिथियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।छत्तीसगढ़िया गानों पर पूर्व विधायक को इस तरह झूमते और थिरकते देख कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। उनकी इस सादगी और उमंग ने कार्यक्रम के उत्साह को दोगुना कर दिया। पूर्व विधायक लेखराम साहू नें कहा की इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पूर्व मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और किसानों के मान-सम्मान को सहेजने के सबसे बड़े संवाहक हैं।

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