जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी के तत्वाधान में राजीव भवन में मजदूर दिवस के पावन अवसर पर कांग्रेसियों द्वारा बोरेबासी कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के श्रमिक वर्ग का सम्मान एवं छत्तीसगढ़ी परंपरा को जीवित रखना है छत्तीसगढ़ में मजदूर दिवस (1 मई) के अवसर पर बोरे-बासी (बचे हुए चावल को पानी में भिगोकर रखा गया भोजन) को एक सांस्कृतिक त्योहार के रूप में मनाया जाता है, जो राज्य के मेहनतकश वर्ग और परंपरा का प्रतीक है।धमतरी के विधायक ओंकार साहू जी ने कहा कि कंकड़ पत्थर जोड़कर देता उसको रूप,निज तन चिंता छोड़कर खाता दिन भर धूप मजदूर वर्ग चाहे बरसात हो ठंडी हो गर्मी हो तीनों मौसम में मेहनत कर लोगों को मकान बड़े-बड़े पुल से लेकर हर एक मेहनत वाले कार्य को करके छत्तीसगढ़ को खुशहाल बनाने का कार्य करते आए हैं मैं मजदूर दिवस की पावन अवसर पर प्रदेश के सभी मजदूर भाइयों को एवं प्रदेशवासियों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं इस कार्यक्रम को दोहे के माध्यम से संबोधित करते हुए कुरूद के पूर्व विधायक लेखराम साहू ने कहा कि रचना की यह नींव है महलों का निर्माण करता हर मजदूर है बनकर स्वयं प्रमाण कांग्रेस हमेशा से गरीब वर्ग मजदूर वर्ग एवं छत्तीसगढ़िया लोगों के सम्मान के लिए कार्य करते आ रहे हैं पिछली भूपेश बघेल सरकार ने 1 मई को बोरे बासी दिवस के रूप में बड़े पैमाने पर मनाने की शुरुआत की थी, जिसे अब भी राज्य में संस्कृति और अस्मिता के रूप में देखा जाता है। बोरे-बासी में विटामिन, आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन होता है, जो गर्मी और लू से राहत देता है।इसे रात के बचे चावल में पानी मिलाकर, सुबह टमाटर की चटनी, अचार और कच्चे प्याज के साथ खाया जाता है।मैं जिला कांग्रेस कमेटी धमतरी की ओर से सभी सदस्यों प्रदेश के मजदूर भाइयों को एवं छत्तीसगढ़ वासियों को मजदूर दिवस की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूंइस कार्यक्रम में ओंकार साहू विधायक धमतरी लेख राम साहू पूर्व विधायक कुरूद एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस नई दिल्ली मोहन लालवानी पूर्व अध्यक्ष अविनाश मारोठे अध्यक्ष जिला मजदूर संघ धमतरी सोनी उपाध्यक्ष मजदूर संघ धमतरी दीपक सोनकर सूर्य राव पवार आकाश गोलछा कविता बाबर जी जिला पंचायत सदस्य धमतरी सूर्य प्रभा चेट्टियार अंबिका सिन्हा जी अध्यक्ष ग्रामीण महिला कांग्रेस सुमन मेश्राम पार्षद लोकेश्वरी पार्षद एवं कांग्रेस के सदस्य गण उपस्थित रहे






