खेलना और खिलाना मेरे जीवन का अहम् हिस्सा -: रघुवीर बघेल

मिशन मैदान पर चल रहे विशाल क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन के पीछे की मेहनत एक नवोदित युवा खिलाड़ी रघुवर बघेल की चार महीने की मेहनत लगी हुई है जिसने एक चर्चा में कहा कि खेलने और खिलाना उनके जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है प्रतिभाओं को मंच देने के लिए शहर के लोगों को जोड़कर मैदान तैयार करने से उन्हें आत्मिक शांति व सुकून मिलता है क्योंकि वे स्वयं एक खिलाड़ी के रूप में काफी संघर्ष किए हैं इसलिए संघर्ष के दौर के दर्द से वे वाकिफ है शहर एवं खेल जगत सदैव मानवी संवेदनाओं से ओत-प्रोत इंसानियत की मिसाल पंडित राजेश शर्मा के योगदान का कायल हैं और सदैव ऋणी रहेगा।

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