शंकरदाह गाँव में शिक्षा, सामाजिक चेतना और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने

शंकरदाह गाँव में शिक्षा, सामाजिक चेतना और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से माटी के मोती यूथ ग्रुप का गठन दिसंबर 2025 में गाँव के ही जागरूक युवाओं द्वारा किया गया। यह समूह मानता है कि यदि गाँव के युवा स्वयं आगे आकर बच्चों और समाज के लिए कार्य करें, तो सकारात्मक परिवर्तन को स्थायी रूप दिया जा सकता है। इसी सोच के साथ यह पहल निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। समूह की प्रमुख गतिविधि मोहल्ला कक्षा है, जो प्रतिदिन शाम 5 बजे से 7 बजे तक नियमित रूप से संचालित की जा रही है। इन कक्षाओं में प्राथमिक से लेकर हाई स्कूल स्तर तक के लगभग 45–50 बच्चे प्रतिदिन भाग लेते हैं। यहाँ स्वयंसेवक बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करते हैं, उनकी शैक्षणिक जिज्ञासाओं का समाधान करते हैं तथा सीखने के लिए एक सकारात्मक और सहयोगी वातावरण प्रदान करते हैं। इसके साथ ही बच्चों से संवाद के माध्यम से उनके भविष्य, करियर और जीवन मूल्यों पर भी चर्चा की जाती है। माटी के मोती यूथ ग्रुप द्वारा 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर गाँव में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं की भूमिका और जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम के माध्यम से नशाखोरी, मोबाइल की बढ़ती लत तथा बच्चों के शिक्षा से दूर होने जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं एवं अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। समूह द्वारा समय-समय पर विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों के सहयोग से स्वच्छता अभियान भी चलाया जाता है, जिसमें गाँव के वरिष्ठ एवं प्रमुख स्वयंसेवकों की भागीदारी रहती है। इसके अतिरिक्त बसंत पंचमी का आयोजन समूह के भवन में किया गया, जिससे बच्चों में सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं के प्रति जुड़ाव विकसित हुआ। 4 फरवरी को आयोजित पुस्तक मेला माटी के मोती यूथ ग्रुप की एक महत्वपूर्ण पहल रही, जिसमें बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले में प्राथमिक स्तर की पुस्तकों से लेकर उपन्यास, प्रतिनिधि कहानियाँ एवं विविध शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। भाषा से जुड़े खेल, पोस्टरों पर शब्द व वाक्य खोजने की गतिविधियाँ, रंग भरने और चयनित बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप उपहार प्रदान किए गए, जिससे बच्चों में पढ़ने के प्रति रुचि बढ़ी। इस आयोजन में 70 से ज्यादा बच्चे, 10 स्वयंसेवक, लगभग 20 पालक एवं अजीम प्रेमजी स्कूल के शिक्षक भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने और इस आयोजन को सफल बनाया।माटी के मोती यूथ ग्रुप का विश्वास है कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह समाज निर्माण का आधार बने। यह समूह सभी जागरूक युवाओं, अभिभावकों एवं समाजसेवियों से इस पहल से जुड़ने की अपील करता है, ताकि मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और गाँव के समग्र विकास की दिशा में सशक्त कदम उठाए जा सकें।

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