धमतरी- शहर के पावन गौशाला मैदान में आयोजित भव्य श्रीराम कथा महोत्सव के क्रम में सुंदरकांड का दिव्य एवं अलौकिक प्रसंग अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा वाचक विश्वप्रसिद्ध रामकथा प्रवक्ता पं. आचार्य अतुल कृष्ण महाराज ने सुंदरकांड के प्रत्येक श्लोक और प्रसंग को जीवन से जोड़ते हुए ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते नजर आए। पूरा वातावरण जय श्रीराम और बजरंगबली की जय के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। महाराज श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुंदरकांड केवल एक कांड नहीं, बल्कि संकटमोचक हनुमान जी के माध्यम से मानव जीवन को दिशा देने वाला अनुपम ग्रंथ है। इसमें भक्ति, साहस, विवेक, सेवा, त्याग और समर्पण के वे आदर्श समाहित हैं, जो हर परिस्थिति में मनुष्य का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने हनुमान जी के समुद्र लांघने, लंका प्रवेश, माता सीता से भेंट, राम नाम की महिमा, अशोक वाटिका विध्वंस तथा लंका दहन जैसे प्रसंगों का अत्यंत जीवंत और भावनात्मक वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज श्री ने बताया कि जब हनुमान जी ने स्वयं को निर्बल समझा, तब जामवंत जी ने उन्हें उनकी शक्ति का स्मरण कराया। यह प्रसंग मानव जीवन को यह सीख देता है कि अक्सर मनुष्य अपनी क्षमताओं को भूल जाता है, और सच्चा मार्गदर्शक उसे आत्मबल का बोध कराता है। सुंदरकांड हमें सिखाता है कि प्रभु श्रीराम का स्मरण और हनुमान जी की भक्ति से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। भजनों की मधुर एवं संगीतमय प्रस्तुति ने कथा को और भी प्रभावशाली बना दिया। हनुमान चालीसा राम नाम की लूट है और संकटमोचन भजनों पर श्रद्धालु भाव-विह्वल होकर झूमते नजर आए। पंडाल में उपस्थित मातृशक्ति, युवा वर्ग और बुजुर्ग श्रद्धालु एक स्वर में जयघोष करते हुए भक्ति में लीन दिखाई दिए। कथा स्थल पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के साथ अनुशासन और भव्य सजावट भी आकर्षण का केंद्र रही। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भावना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सुंदरकांड कथा को सुनने के लिए नगर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। समापन अवसर पर विधिवत महाआरती, हनुमान जी एवं प्रभु श्रीराम की पूजा-अर्चना के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इसे आध्यात्मिक चेतना जागृत करने वाला, जीवन को नई दिशा देने वाला अनुभव बताया। आयोजन समिति ने आगामी दिनों में रामकथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों के आयोजन की जानकारी भी दी। धर्म धरा की सार्वजनिक कार्यों को संपन्न करने के लिए सदैव रहेंगे समर्पित-:पं.राजेश शर्मा राम कथा के आयोजनकर्ता पंडित राजेश शर्मा ने धर्म प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म धरा के संस्कार को आत्मसात करते हुए आपसी प्रेम, भाईचारा, सामूहिक सहभागिता की चली आ रही है उसे सदैव समर्पित भाव से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे और यही राम कथा आयोजन का परम आत्मिक उद्देश्य है। आज के कथा श्रवण के लिए प्रमुख रूप से गोपाल शर्मा,जीतेन्द्र शर्मा ,राजेश शर्मा, प्रताप राव कृदत ,जानकी वल्लभ जी महराज, श्याम अग्रवाल, दिलिप राज सोनी,राजेंद्र शर्मा , योगेश गांधी,डॉ प्रभात गुप्ता, डॉ एन.पी.गुप्ता, डॉ जे.एल.देवंगान,अर्जुन पुरी गोस्वामी,दयाराम साहू ,विजय सोनी, अशोक पवार,बिथिका विश्वास,शशि पवार, कविंद्र जैन,गोलू शर्मा ,प्रकाश शर्मा ,विकास शर्मा,नरेश जसूजा, नरेंद्र जयसवाल, कुलेश सोनी, पिन्टू यादव, राजेंद्र गोलछा, महेंद्र खंडेलवाल, दीप शर्मा, देवेंद्र मिश्रा, डेनिस चंद्राकर,ज्ञानिक राम टेके,हरख जैन ,विजय शर्मा, बिट्टू शर्मा, खूबलाल ध्रुव, संजय तंम्बोली,प्रदीप शर्मा,मालकराम साहू ,मनीष मिश्रा, सूरज शर्मा, लक्की डागा ,योगेश रायचुरा, मधवराव पवार, राजेंद्र स्रोती ,अरुण चौधरी, रंजीत छाबड़ा ,भरत सोनी ,अखिलेश सोनकर, संजय देवांगन, डीगेश शर्मा,धनीराम सोनकर, गजेंद्र कंवर, ईश्वर सोनकर,पप्पू सोनी शत्रुधन पांडे, हेमंत बंजारे,नीलमणि पवरिया , ज्योति जैन,हेमलता शर्मा, खिलेश्वरी किरण,चित्रलेखा निर्मल कर, श्यामा साहू,नीतू शर्मा,चंद्रकला पटेल, रूखमणी सोनकर,सरिता यादव ,दमयंती, गजेंद्र गायत्री सोनी, गीता शर्मा, ममता सिन्हा, ईश्वरी पटवा, मोनिका देवांगन,बरखा शर्मा,ललिता नाडेम,अंजू पवन लिखी, हर्षा महेश्वरी ,सुमन ठाकुर,डाँली सोनी, भारती साहू ,हिमानी साहू ,आशा लोधी, प्रभा मिश्रा ,भारती खंडेलवाल,अनिता सोनकर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।







