नई लेदरी में एसईसीएल एवं राजस्व विभाग की बेदखली कार्रवाई से भरी बारिश के बीच बच्चों समेत बेघर हुआ एसईसीएल से रिटायर्ड कालरी कर्मचारी का पूरा परिवार घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने जताई नाराजगी, प्रशासन से मानवीय रवैया अपनाते हुए पीड़ित परिवार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील।

एमसीबी / मनेन्द्रगढ़ – नगर पंचायत नई लेदरी में शुक्रवार को एसईसीएल और राजस्व विभाग द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक परिवार को छोटे-छोटे बच्चों और नातिन सहित घर से बाहर निकाल दिया गया। कार्रवाई के वक्त इलाके में तेज बारिश हो रही थी, ऐसी बारिश में परिवार कहां जाएगा रात कहां गुजरेगी।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई एसईसीएल के मकान को खाली कराने के लिए की गई थी। प्रशासनिक अमले ने समारू जी के घर को खाली कराया। घर में मौजूद उनकी नातिन व मासूम बच्चों को भी बाहर कर दिया गया। मकान से सामान निकालकर बाहर रख दिया गया।


स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के समय कोई वैकल्पिक व्यवस्था या पूर्व सूचना प्रभावित परिवार को नहीं दी गई थी। बारिश में छोटे बच्चों के साथ सड़क पर खड़े परिवार को देख लोगों की आंखें नम हो गईं।

*अमानवीय है भारी बरसात में प्रशासन की इस तरह की कार्रवाई मैं इस कार्यवाही की घोर निंदा करता हूँ  प्रशासन से मानवीय रवैया अपनाने की अपील करता हूँ। गुलाब कमरों पूर्व विधायक भरतपुर सोनहत

पूर्व विधायक गुलाब कमरों घटना की जानकारी मिलते ही बेहद नाराज नजर आए। उन्होंने प्रशासनिक रवैये की तीखी आलोचना करते हुए कहा-“बारिश के बीच लोगों को बेघर करना अत्यंत दुखद और अमानवीय है। प्रदेश में भाजपा सरकार इसी तरह गरीबों को उजाड़ने का काम कर रही है। प्रशासन को कम से कम बरसात के मौसम में तो मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।”

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसी कठोर कार्रवाइयों पर तुरंत रोक लगाई जाए।

*स्थानीय लोगों में नाराजगी*

इस कार्रवाई के बाद नई लेदरी के लोगों में भी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि परिवारों को बेघर करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। बरसात के मौसम में इस तरह की कार्रवाई बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बन सकती है।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने प्रशासन से यह भी अपील की है कि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई बंद हो।

ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़बन्धु 

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