

धमतरी। शहर के गुरुद्वारे में आयोजित गुरुवाणी कीर्तन समागम में भाई जगजीत सिंह बबीहा द्वारा गुरुवाणी कीर्तन का श्रवण करने धर्मप्रेमी समाजसेवी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पंडित राजेश शर्मा पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने गुरुद्वारे में माथा टेककर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास की तथा प्रदेश और समाज की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। सिख समाज के प्रमुखजनों द्वारा शाल भेंटकर उनका आत्मीय सम्मान किया गया।
इस अवसर पर पंडित राजेश शर्मा ने सिख समाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि सिख समाज का इतिहास सेवा, समर्पण, त्याग, वीरता और धर्म रक्षा की अद्भुत मिसाल है। गुरु नानक देव जी से लेकर दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी तक सभी गुरुओं की शिक्षाएं संपूर्ण मानवता को सत्य, समानता, प्रेम और सेवा का मार्ग दिखाती हैं। गुरु गोविंद सिंह जी का अदम्य साहस तथा धर्म की रक्षा के लिए उनका त्याग और बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। साहिबजादों का सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है।उन्होंने कहा कि देश के जिस भी स्थान पर जाने का अवसर मिलता है, वहां गुरुद्वारे में माथा टेकना अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण मानते हैं। गुरुद्वारा केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आत्मिक शांति, श्रद्धा, मानवता और सेवा का पवित्र केंद्र है। यहां गुरु की वाणी मन को शांति और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। सिख समाज की लंगर और सेवा परंपरा सामाजिक समरसता तथा बिना भेदभाव मानवता की सेवा का अनुपम उदाहरण है। सिख समाज ने सदैव मां भारती, भारतीय संस्कृति और धर्म की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे वीर त्यागी और सेवाभावी समाज के प्रति प्रत्येक भारतीय के मन में सम्मान का भाव है समागम के दौरान पंडित राजेश शर्मा ने गुरुप्रसादी की सेवा में भी हाथ बंटाया तथा समाजजनों के साथ बैठकर गुरु प्रसादी ग्रहण की।इस पवित्र अवसर पर पंत प्रधान जसपाल सिंह छाबड़ा सहित समाज के वरिष्ठ रविंद्र सिंह बिंद्रा राजेंद्र सिंह छाबड़ा सतपाल सिंह छाबड़ा जितेंद्र सिंह खालसा डॉक्टर जगविंदर सिंह खालसा सविंदर सिंह खालसा अमरजीत सिंह खालसा नरेंद्र सिंह पूर्बा सतपाल सिंह अजमानी तेजिंदर सिंह अजमानी अमरजीत सिंह अजमानी सतपाल सिंह तलुजा जसपाल सिंह तलुजा विक्की छाबड़ा प्रितपाल छाबड़ा सहित सिख समाज के समस्त वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं समाजजनों के आत्मीय स्वागत, सम्मान और स्नेह के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।






