स्थानीय वनस्पतियों के संरक्षण से लेकर युवाओं को रोजगार तक – अनुसंधान केंद्र से बदलेंगी संभावनाएं -रंजना साहू धमतरी के विकास के लिए सतत प्रयासरत रंजना साहू ने जनहित और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री से की मांगधमतरी – जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रंजना डीपेन्द्र साहू ने मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णु देव साय से धमतरी जिले में आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र (Ayurvedic Research Centre) की स्थापना की मांग की है साहू ने कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक संपदा, वनौषधियों एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जिले एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में आयुर्वेदिक औषधियों के प्रति लोगों की गहरी रुचि रही है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा के वैज्ञानिक अनुसंधान औषधीय पौधों के संरक्षण और उनके औषधीय गुणों के अध्ययन की आवश्यकता निरंतर बढ़ रही है। धमतरी जैसे वनांचल बहुल जिले में यदि आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र की स्थापना होती है तो न केवल जिले के नागरिकों को लाभ मिलेगा बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी अनुसंधान आधारित आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।साहू ने यह भी कहा है कि इस केंद्र की स्थापना से स्थानीय औषधीय वनस्पतियों की पहचान एवं संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, आयुर्वेदिक औषधियों पर वैज्ञानिक शोध होगा जनजागरूकता बढ़ेगी तथा आयुष क्षेत्र में प्रशिक्षण एवं रोजगार की नई संभावनाएं युवाओं के लिए खुलेंगी।क्षेत्र के विकास के लिए सतत प्रयासरत रंजना साहू ने जनहित और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री से इस मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर धमतरी में आयुर्वेदिक अनुसंधान केंद्र की स्थापना की मांग की है जिसपर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सकारात्मक विचार करने की बात कही है






