भगवान गणेश के भक्ति में समाहित है संबंधों की अटूट एवं मजबूत शक्ति जो बांधती है सभी को एक डोर में धमतरी -: धर्म की नगरी धमतरी का यह संस्कार एवं संस्कृति है कि यहां की भक्ति में भी संबंधों की पवित्रता एवं असीम शक्ति समाहित है जिसका जीता जागता ज्वलंत उदाहरण शहर के हृदय स्थल शास्त्री चौक में 41 वर्ष से गणेश चतुर्थी पर स्थापित किए जाने वाला भगवान गणेश जी की ग्यारह दिवस की स्थापना जो आधुनिक गणेश उत्सव समिति का 41वर्ष पूर्व गठन कर स्कूल के छठवीं कक्षा के दिनों की दोस्तों की अनवरत चली आ रही दोस्ती का नायाब उदाहरण समाज के समक्ष प्रस्तुत करती है। जब आज स्वार्थपरक दुनिया में व्यक्तिगत हित के चलते संबंधों को तार-तार कर देते हैं ऐसे में उन लोगों के लिए रिश्तो की पवित्रता को सच्चाई के साथ निभाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है आधुनिक गणेश उत्सव समिति जहां साल का वह 11 दिवस भगवान की भक्ति तो पूरी आस्था एवं श्रद्धा के साथ होती ही है लेकिन इसके पीछे छिपी होती है आपसी प्रेम, भाईचारा एवं अपनत्व का भाव जब सुबह और शाम दोनों बाहर सभी लोग एक छत के नीचे भगवान से सब की खुशहाली की प्रार्थना सार्वजनिक रूप से करते हैं। आधुनिक गणेश उत्सव के सदस्यों में संजय अग्रवाल, रितेश शर्मा, आकाश अग्रवाल, नरेंद्र लोढा,दीपक बंटी, जीतेंद्र पींचा,आशीष थिटे, विनोद जैन,सुनिल अग्रवाल, सन्नी अग्रवाल,दीपक चौबे, राजेंद्र शर्मा, गोपाल कटारिया,पवन अग्रवाल शामिल हैं।गणपति स्थापना के एक दिन मेल-मिलाप की है परंपरा भगवान गणेश की स्थापना का 41 वर्ष की अनवरत निरंतरता के साथ प्रारंभिक काल के सभी दोस्त समय के साथ-साथ व्यापार व्यवसाय सही जीवन यापन के लिए अलग-अलग जगह में दूसरे प्रदेश या दूसरे शहर में निवास करते हैं लेकिन गणपति स्थापना के 11 दिवस में कोई भी एक दिन सभी एक साथ मिलकर भगवान गणेश की पूरी आस्था एवं श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करने की परंपरा को आज भी जीवंत रखें है। यहां तक कि इस उत्सव के लिए सभी की तन मन धन से भागीदारी भी सुनिश्चित रहती है।






