धमतरी। सावन महोत्सव के पावन अवसर पर वाल्मीकि समाज द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी गुरु गोरखनाथ जी की पवित्र छड़ी स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात रामबाग स्थित तालाब में सगरी मिलन (खाजा मिलन)की धार्मिक रस्म संपन्न हुई और गुरु गोरखनाथ जी की छड़ी के साथ नगर भ्रमण का शुभारंभ किया गया।नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। समाजजनों ने गुरु गोरखनाथ जी का जयकारा लगाते हुए सुख-समृद्धि, शांति और समाज की एकता की कामना की। सावन महोत्सव की यह परंपरा वाल्मीकि समाज की धार्मिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक मानी जाती है।इस अवसर पर मंदिर पुजारी सुरेंद्र महरोलिया, जिला अध्यक्ष विक्की मारोठे, सुरमुख चौहान, रामकुमार कच्छवाह, अविनाश मारोठे, राजेश बागड़े, त्रिलोक वाल्मीकि, प्रदीप मारोठे, पिंटू वाल्मीकि, दीपक नाग, मनीष तेजी, अजय वाल्मीकि, विनीत वाल्मीकि, संजू वाल्मीकि, सन्नी वाल्मीकि, अभिलाष वाल्मीकि, सोनू सहित बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के सदस्य उपस्थित रहे।समाजजनों ने कहा कि गुरु गोरखनाथ जी की छड़ी का नगर भ्रमण केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि समाज की एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है। सावन महोत्सव के दौरान आयोजित यह धार्मिक आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का संदेश देता है।






