जंतर-मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन को समर्थन धमतरी। शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश कुमार जैन सोमवार को अपने साथियों और समर्थकों के साथ सिटी कोतवाली के समीप स्थित गांधी मैदान में एक दिवसीय सांकेतिक आमरण अनशन पर बैठे। शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित इस अनशन के माध्यम से उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया। अनशन के दौरान मितेश कुमार जैन ने कहा कि देश में शिक्षा और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर गंभीर चिंतन और ठोस पहल की आवश्यकता है। उनका कहना था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित पर्यावरण किसी भी समाज के विकास की बुनियाद हैं। यदि इन दोनों क्षेत्रों की अनदेखी की गई तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि यह एक दिवसीय सांकेतिक अनशन दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजसेवी सोनम वांगचुक द्वारा शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया। धमतरी से इस अभियान के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि देशभर के नागरिक इन मुद्दों को लेकर जागरूक हों और इनके संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं। अनशन स्थल पर मौजूद समर्थकों ने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल, जंगल और जमीन के संतुलित उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को समान महत्व देना समय की मांग है। कार्यक्रम के दौरान मितेश जैन के मित्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने अनशन को अपना समर्थन दिया। उपस्थित लोगों ने शिक्षा और पर्यावरण जैसे जनहित के विषयों पर समाज की भागीदारी बढ़ाने तथा जनजागरूकता अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया। मितेश कुमार जैन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समाज का ध्यान उन मुद्दों की ओर आकर्षित करना है जो सीधे देश और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने लोगों से शिक्षा को मजबूत बनाने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की।






