आमापारा के इतिहास में पहली बार नहीं हुआ जलभराव धमतरी में हो रही लगातार भारी बारिश के मद्देनजर आम नागरिकों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए निगम प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। निगम अपनी तकनीकी और मैदानी टीम के साथ शहर के बड़े नालों और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों का लगातार सघन निरीक्षण कर रहे हैं। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यकतानुसार भारी मशीनरी और वृहत कार्यबल को मैदान में उतारा गया है।जलभराव की किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे शहर के हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। भारी बारिश के कारण नालों में बहकर आए कचरे और लकड़ियों को हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। छोटी-बड़ी नालियों में फंसे मलबे, लकड़ियों और कचरे को जेसीबी मशीनों तथा सफ़ाई कर्मियों के माध्यम से तत्काल साफ किया जा रहा है, ताकि पानी की निकासी बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से हो सके।भारी बारिश के बावजूद आमापारा क्षेत्र में पहली बार नहीं भरा पानी इधर भारी बारिश के बावजूद आमापारा इलाके में बारिश का पानी नहीं रुका। लोगों का कहना है कि 80 साल की समस्या का निजात अब मिला है। आमापारा क्षेत्र में बारिश होते ही जल भराव की स्थिति निर्मित हो जाती थी जिसको लेकर महापौर रामू रोहरा एवं वार्ड पार्षद व लोक कर्म विभाग के प्रभारी विजय मोटवानी तथा निगम प्रशासन ने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा को स्थिति से अवगत कराया था। स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने डीएफ फंड से 10 लाख रुपए की तत्काल स्वीकृति दी। स्वीकृति मिलते ही निगम के अधिकारियों ने आमापारा के बरसाती पानी को तालाब में छोड़ने के लिए कार्य प्रारंभ कर दिया और लगभग 165 मीटर की पाइपलाइन बिछाई। आमापारा से बरसाती पानी निकल जाए इसके लिए दो कार्य योजना तैयार किए गए। पहला पाइपलाइन बिछाने का कार्य तथा दूसरा बालक चौक के पास स्थित क्रॉस नाला को ऊपर उठाने का कार्य। बालक चौक में बने पुल के नीचे मलबा बार बार जमा हो जाने के काण पानी निकासी की समस्या होती थी जिसको देखते हुए इस पर भी कार्य प्रारंभ कर दिया गया नतीजन दोनों ही कार्ययोजना के चलते आमापारा क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी आसानी से होने लगी है। निगम के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा कि आमापारा क्षेत्र में इस बार जल भराव की स्थिति निर्मित नहीं हुई।






