
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित कंपनी द्वारा बीजों की ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग संबंधी जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई गई थी। साथ ही लाइसेंस में स्वीकृत किस्मों के अतिरिक्त अन्य किस्मों के बीजों का भंडारण, पैकेजिंग सामग्री का उपयोग एवं वितरण से संबंधित अनियमितताएं भी पाई गईं। इसके मद्देनजर परिसर में उपलब्ध कच्चे एवं ग्रेडेड धान बीज के साथ समस्त पैकेजिंग सामग्री के विक्रय, आपूर्ति एवं उपयोग पर रोक लगा दी गई। इसके अतिरिक्त पैक्ड धान बीज के नमूने लेकर उन्हें परीक्षण हेतु राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है।कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता तथा बीज अधिनियम एवं नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण दल में संचालनालय कृषि से मयंक बघेल उप संचालक कृषि एवं जितेन्द्र ठाकुर, सहायक संचालक कृषि तथा जिला स्तर से रामकुमार साहू, कृषि विकास अधिकारी एवं बीज निरीक्षक चेश कुमार सार्वा, कृषि विकास अधिकारी मयंक नागवंशी एवं आदित्य कुमार मेश्राम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी शामिल रहे।





