धर्मप्रेमी-समाजसेवी से मिलने इंतजार में लगी थी विकलांग बुजुर्ग की टकटकी निगाहें, क्षण मानवीय संवेदना से ओत-प्रोत होकर हुआ भावुक

राजेश शर्मा ने कहा धन,दौलत,शौहरत से नहीं, वरन् सेवा से मिली संतुष्टि
मकेश्वर वार्ड में समाजसेवी धर्म प्रेमी पंडित राजेश शर्मा के आगमन की सूचना पर वार्ड के 75 वर्षीय उम्र दराज एक पैर से विकलांग वरिष्ठजन व्यक्ति गुहा राम बंजारे जो कि 20 साल पहले जख्म के चलते अपने एक पैर को खोना पड़ा था, तब से लेकर आज तक शरीर को चलाने तथा दिनचर्या का एकमात्र सहारा ही बैसाखी है, और यही गुहा राम बंजारे की टकटकी निगाहें बेसब्री से इंतजार करते हुए पं.राजेश शर्मा की उनसे मिलने के लिए आतुर एवं उनके सेवाभावी कार्यों की चर्चा सुनकर उनसे मिलने के लिए बाट जोह रहे थे। जिसकी जानकारी होने पर शर्मा भी वहां सहर्ष भाव से पहुंचकर अपने प्रति अपनत्व के इस मार्मिक भाव को फौरन भांपते हुए उस बुजुर्ग व्यक्ति को गले लगाकर अपने को वार्डवासियों द्वारा किए जा रहे सम्मान को उन्हें समर्पित करते हुए शाल श्रीफल भेंट कर हुए इंसानियत , मानवता के संवेदनाओं से ओत-प्रोत एक प्रेरक एवं सार्थक पहल प्रस्तुत की। इस भावनात्मक क्षण के वहां पर उपस्थित जन कायल हो गए ,वहीं भावुक होकर पंडित राजेश शर्मा के आंखों के आंसू सहसा जुबान से कह गई कि ईश्वर ने जीवन में मुझे धन, दौलत ,शौहरत तो बेशुमार दी है, लेकिन मेरी आत्मा को वास्तविक संतुष्टि सेवा से ही प्राप्त होती है जिसका अहसास आज फिर से हो रहा है, और मैं विश्वास दिलाता हूं कि सेवाभावी कार्यों का सिलसिला निरंतर तब तक जारी रहेगा जब प्रभु ! प्रदत्त समर्थ रहेगा।
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