अपने ही जब दुख, दर्द,दगा दे तो थाम लो भगवान का दामन -: संकर्षण महराज हनुमंत कथा व्यास पीठ से आशीर्वाद प्राप्त कर पं.राजेश शर्मा ने कहा भक्ति से शक्ति के स्रोत है पवनसुत धमतरी-: दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में हनुमंत कथा का श्रवण करते हुए प्रयागराज से आए हुए पंडित संकर्षण महाराज द्वारा पवनसुत हनुमान के लंका मे माता सीता की खोज में गमन पर व्याख्यान देते हुए कहा कि आज समाज में अपने ही अपनों का दुश्मन बना बैठा है जब जिंदगी के किसी दौर में अपनों के द्वारा ही दुख ,दर्द एवं दगा देने का कार्य करें तो औरों के पास ना जाकर भगवान के शरण में जाते हुए उसका दामन थाम ले तो निश्चित ही ऐसे कष्टों संतापों एवं विपत्तियों से विमुक्ति मिलकर जीवन फिर से सुखी एवं खुशहाल हो जाएगा, इसी परिपेक्ष्य में व्यास पीठ से श्री महाराज जी ने विभीषण का उदाहरण देते हुए बताया कि जब स्वयं के भाई रावण ने उन्हें ठोकर मारकर लंका से निकाल दिया तो वह कहीं ना जाकर भगवान श्री राम के शरण में चले गए और यही से उन्हें जीवन के सारे ऐश्वर्य ,सुख एवं संसाधन प्राप्त हुआ इसका ही अपने जीवन में भी अनुसरण करें। ग़ौरतलब है उक्त कथा का आयोजन मां कामाख्या महिला मंडल द्वारा कराया जा रहा है जिसका हवन पूजन भंडारा 23 जनवरी को होने के साथ ही कथा का विश्राम दिवस होगा।कथा श्रवण करने के लिए पहुंचे शहर के धर्म प्रेमी समाजसेवी पंडित राजेश शर्मा ने व्यास पीठ से शाष्टांग आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उपस्थित जनों को संबोधित कर कहा कि व्यक्ति का जीवन आज नैतिक एवं मानसिक रूप से पतन के कगार पर खड़ा है इससे छुटकारा पाकर अपने जीवन को धन्य बनाने के लिए हनुमंत कथा का श्रवण करते हुए हनुमान जी की भक्ति से शक्ति प्राप्त करें जिससे स्वयं का मानव जीवन धन्य तो होगा ही लेकिन अपने जीवन को दूसरों के काम लगाकर समाज सेवा के कार्य को आगे बढ़ाते हुए उसे भी धन्य बनावे। उक्त अवसर पर नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा, पार्षद गण पिंटू यादव, कुलेश सोनी, मुकेश शर्मा,जय प्रकाश झा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।







