मन ,वचन, कर्म को पवित्र बनाने का एकमात्र मार्ग है रामचरितमानस का पठन-:पं.अतुल कृष्ण भगवान श्रीराम के वन गमन की कथा सुनकर भाव-विभोर होकर आंखो से द्रवित हुए श्रोतागण धमतरी-: राम कथा के छठवें दिवस की कथा में व्यास पीठ से पंडित अतुल कृष्ण महाराज जी ने विवाह महोत्सव पश्चात अयोध्या में भगवान रामजी और माता सीताजी के आगमन का प्रसंग का वर्णन करते हुए बताये कि अयोध्या के राज्य महाराजा जनक के नेतृत्व में प्रमाणिकता के धरातल पर उतारा गया था। इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन को दर्पण के समान रखना चाहिए जिसके लिए निर्मल मन क होना आवश्यक है मन को पवित्र करने के लिए शास्त्र ही एकमात्र ऐसा मार्ग है जो उसे माजंता है इसलिए कथाओं का श्रवण करें राम कथा को व्यक्ति के मन, वचन, कर्म तीनों को पवित्र बना देती है। जिससे सारे भेदभाव, उच्च नीच के भाव को समाप्त कर सब में परमात्मा का वास करवा देती है रामायण। आगे कथा में बताया गया कि उपरोक्त सारी बातों का अनुसरण महाराजा दशरथ सभी प्रमुख लोगों से राय मशविरा करके भगवान श्री राम को अयोध्या का राजा बनाने का निर्णय लिया गया।आज के कथा श्रवण के लिए प्रमुख रूप से गोपाल शर्मा,जीतेन्द्र शर्मा ,राजेश शर्मा, प्रताप राव कृदत ,जानकी वल्लभ जी महराज, श्याम अग्रवाल,इंदर चोपड़ा,भरत मटियारा, रंजना साहू,दिलिप राज सोनी,राजेंद्र शर्मा , योगेश गांधी,डॉ प्रभात गुप्ता, डॉ एन.पी.गुप्ता, डॉ जे.एल.देवंगान,अर्जुन पुरी गोस्वामी,दयाराम साहू ,विजय सोनी, अशोक पवार,बिथिका विश्वास,शशि पवार, कविंद्र जैन,गोलू शर्मा ,प्रकाश शर्मा ,विकास शर्मा,नरेश जसूजा, नरेंद्र जयसवाल, कुलेश सोनी, पिन्टू यादव, राजेंद्र गोलछा, महेंद्र खंडेलवाल, दीप शर्मा, देवेंद्र मिश्रा, डेनिस चंद्राकर,ज्ञानिक राम टेके,हरख जैन ,विजय शर्मा, बिट्टू शर्मा, खूबलाल ध्रुव, संजय तंम्बोली,प्रदीप शर्मा,मालकराम साहू ,मनीष मिश्रा, सूरज शर्मा, लक्की डागा ,योगेश रायचुरा, मधवराव पवार, राजेंद्र स्रोती ,अरुण चौधरी, रंजीत छाबड़ा ,भरत सोनी ,अखिलेश सोनकर, संजय देवांगन, धनीराम सोनकर, गजेंद्र कंवर, ईश्वर सोनकर,पप्पू सोनी शत्रुधन पांडे, हेमंत बंजारे,नीलमणि पवरिया , ज्योति जैन,हेमलता शर्मा, खिलेश्वरी किरण,चित्रलेखा निर्मल कर, श्यामा साहू,नीतू शर्मा,चंद्रकला पटेल, रूखमणी सोनकर,सरिता यादव ,दमयंती, गजेंद्र गायत्री सोनी, गीता शर्मा, ममता सिन्हा, ईश्वरी पटवा, मोनिका देवांगन,बरखा शर्मा,ललिता नाडेम,अंजू पवन लिखी, हर्षा महेश्वरी ,सुमन ठाकुर,डाँली सोनी, भारती साहू ,हिमानी साहू ,आशा लोधी, प्रभा मिश्रा ,भारती खंडेलवाल,अनिता सोनकर आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। जीवन के आदर्शो को जीने वाला है राम-: पं.राजेश शर्मा कथा मंच से उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए आयोजक पंडित राजेश शर्मा ने जीवन के प्रत्येक आदर्श को जीने वाले चरित्र का नाम है श्रीराम अपने जीवन को धन्य बनाने के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के जीवन चरित्र को स्वयं के जीवन के साथ ही दूसरों के जीवन में भी सुख शांति का वास करे। यहीं से राम राज्य की स्थापना होगी। वर्तमान समाचार सारी समस्याओं का समाधान भगवान राम के रामचरितमानस में समाहित है राम कथा का श्रवण करें। इस प्रकार आगे बताया गया कि रावण वध के लिए भगवान श्री राम का वनवास आवश्यक था क्योंकि रावण इतना प्रतापी था कि कोई भी राजा उसके वध के लिए सक्षम नहीं था इसलिए देवताओं ने माता सरस्वती को मथंरा के माति में प्रवेश दिलाते हुए रानी कैकई के पास भेज दिया गया, और वह उसके वशीभूत होकर राजा दशरथ से उनके दिए हुए वरदान को याद दिलाते हुए भगवान श्री राम को 14 वर्ष का वनवास तथा भारत को राज्य रोहण की बात कथा बताते श्री राम वन गमन का भावनात्मक उल्लेख किया जिससे उपस्थित श्रोताओं की आंखें भर आई।







