रायपुर ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का खौफ दिखाकर रायपुर के रिटायर्ड बुजुर्ग से 14 लाख की ऑनलाइन ठगी का मामला आया सामने

रायपुर । एक सनसनीखेज साइबर क्राइम का मामला सामने आया है, जहां खुद को CBI अधिकारी बताकर ठगों ने रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी को डिजिटल गिरफ्तारी और भ्रष्टाचार के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और उनके अलग-अलग खातों से ₹14 लाख की ठगी कर ली।

ऐसे रची गई ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ की चाल

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित रामेश्वर देवांगन शिक्षा विभाग से रिटायर हैं। उन्हें अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम कंपनी का अधिकारी बताया और नंबर बंद करने की बात कहकर 0 दबाने को कहा। जैसे ही बुजुर्ग ने 0 दबाया, अगले कॉल में खुद को CBI अफसर बताने वाले शातिर ठग ने कहा कि उन पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज है और इसी वजह से उनका नंबर बंद किया जा रहा है।

वाट्सप पर भेजा गया नोटिस, ATM कार्ड दिखाकर डराया

कुछ देर बाद रजनीश मिश्रा नामक शख्स ने दूसरे नंबर से कॉल किया और पीड़ित के दूसरे मोबाइल नंबर पर WhatsApp में एक नोटिस और एक शख्स नरेश गोयल की फोटो भेजी। पीड़ित ने इसे पहचानने से इनकार किया, लेकिन इसके बाद ठगों ने एक ATM कार्ड भेजा और कहा कि यह कार्ड नरेश गोयल के घर से मिला है और इसमें उनका नाम जुड़ा है।

बुजुर्ग को दिल्ली बुलाने की दी धमकी,  डर में आकर कर दिए पैसे ट्रांसफर

ठगों ने CBI जांच और दिल्ली में बयान के नाम पर बुजुर्ग को डराया और कहा कि अगर वे दिल्ली नहीं आए तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। घबराए रामेश्वर देवांगन ने अलग-अलग खातों से कुल ₹14 लाख ठगों को ट्रांसफर कर दिए।

पुलिस जांच में जुटी, अज्ञात ठगों पर मामला दर्ज

घटना की जानकारी मिलते ही पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट 

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