भ्रष्टाचार: MP के अफसरों ने एक घंटे में खा लिए 14 किलो ड्रायफ्रूट्स, छह लीटर दूध की चाय में डाली पांच KG चीनी

मध्यप्रदेश / शहडोल – शहडोल के भदवाही ग्राम में जल गंगा अभियान के कार्यक्रम में अधिकारियों ने ड्रायफ्रूट्स व चाय पर जनता के पैसे से खर्च किया। फर्जी बिलिंग में काजू समेत अन्य सामान की कीमतें बढ़ाकर दर्शाई गईं। 14 किलो ड्रायफ्रूट्स व 6 लीटर दूध की चाय पर 19,000 रुपये खर्च हुए।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के आला अधिकारियों के द्वारा की गई अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। शहडोल के गोहपारू ब्लॉक के भदवाही ग्राम पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों ने मात्र एक घंटे में 14 किलो ड्रायफ्रूट्स का सेवन कर लिया, जिसका खर्च जनता के पैसों से उठाया गया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम और अन्य कई आला अधिकारी शामिल हुए थे। इन अधिकारियों ने 5 किलो काजू, 6 किलो बादाम और 3 किलो किसमिस खाकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, उन्होंने 6 लीटर दूध में 5 किलो शक्कर मिलाकर चाय का भी सेवन किया। इस आयोजन का आयोजन भदवाही ग्राम पंचायत द्वारा किया गया था, जिसके लिए दी गई राशि का भुगतान विवादित बिलों के माध्यम से किया गया है।

भदवाही में क्या हुआ?
भदवाही ग्राम पंचायत में जल चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारी और ग्रामीण दोनों शामिल हुए। पता चला है कि इस आयोजन में सर्व किया गया भोजन खिचड़े, पूड़ी और सब्जी के रूप में था, जबकि अधिकारियों के नाम पर जो बिल जारी किए गए उसमें ड्रायफ्रूट्स का खर्च दिखाया गया। यह भी चर्चा है कि अधिकारियों के आगमन के लिए ग्राम पंचायत ने उचित व्यवस्था की थी, लेकिन यह सब सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी बयां करता है।

फर्जी बिलिंग का मामला
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, 13 किलो ड्रायफ्रूट्स के लिए 19,010 रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें अन्य सामग्री जैसे 30 किलो नमकीन और 20 पैकेट बिस्कुट का भी खर्शहडोल में भ्रष्टाचार का नया मामला सामने आया है।

मध्य प्रदेश में नित नए भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में सामने आए ऑइल पेंट घोटाले की चर्चा रुक भी नहीं सकी अब नया मामला सामने आ गया। मामला शहडोल का है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के आला अधिकारियों के द्वारा की गई अनियमितताओं का मामला प्रकाश में आया है। शहडोल के गोहपारू ब्लॉक के भदवाही ग्राम पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, अधिकारियों ने मात्र एक घंटे में 14 किलो ड्रायफ्रूट्स का सेवन कर लिया, जिसका खर्च जनता के पैसों से उठाया गया। इस कार्यक्रम में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम और अन्य कई आला अधिकारी शामिल हुए थे। इन अधिकारियों ने 5 किलो काजू, 6 किलो बादाम और 3 किलो किसमिस खाकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, उन्होंने 6 लीटर दूध में 5 किलो शक्कर मिलाकर चाय का भी सेवन किया। इस आयोजन का आयोजन भदवाही ग्राम पंचायत द्वारा किया गया था, जिसके लिए दी गई राशि का भुगतान विवादित बिलों के माध्यम से किया गया है।

भदवाही में क्या हुआ?
भदवाही ग्राम पंचायत में जल चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारी और ग्रामीण दोनों शामिल हुए। पता चला है कि इस आयोजन में सर्व किया गया भोजन खिचड़े, पूड़ी और सब्जी के रूप में था, जबकि अधिकारियों के नाम पर जो बिल जारी किए गए उसमें ड्रायफ्रूट्स का खर्च दिखाया गया। यह भी चर्चा है कि अधिकारियों के आगमन के लिए ग्राम पंचायत ने उचित व्यवस्था की थी, लेकिन यह सब सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी बयां करता है।

फर्जी बिलिंग का मामला
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, 13 किलो ड्रायफ्रूट्स के लिए 19,010 रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें अन्य सामग्री जैसे 30 किलो नमकीन और 20 पैकेट बिस्कुट का भी खर्च शामिल है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि काजू की कीमत में भारी अंतर देखा गया है। एक किलो काजू 1000 रुपये में खरीदा गया, जबकि उसी दिन एक अन्य विक्रेता से काजू 600 रुपये प्रति किलो में उपलब्ध था। मुद्रिका सिंह, प्रभारी जिला पंचायत सीईओ ने कहा कार्यक्रम में मैं खुद मौजूद था, लेकिन मुझे जानकारी नहीं है पता करता हूं।

        ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़बन्धु 

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