पोला की नादिंया बैल खरीद कर विजय मोटवानी ने संवेदनशीलता से ओकल फार लोकल का दिया संदेश

परंपरागत व्यवसायियों को प्रोत्साहित करना है हमारा सामाजिक जिम्मेदारी एवं नैतिक धर्म-: विजय मोटवानी धमतरी-:छत्तीसगढ़ की परंपराओं एवं संस्कृति से जुड़ा हुआ लोकपर्व पोला के अवसर पर शहर के हृदय स्थल शास्त्री चौक में सजने वाली पूजा की वस्तुएं जिसमें मिट्टी के नदियां बैल,चुकी,जांता , सहित अन्य सामग्रियों को अपने परंपरागत व्यवसाय के रूप में कुम्हार समाज के लोग सदियों से करते आ रहे हैं इसे ही प्रोत्साहित करने के लिए नगर निगम के लोक निर्माण अध्यक्ष तथा आमापारा वार्ड के पार्षद विजय मोटवानी कुलेश सोनी अपने पार्षद साथियों के साथ उक्त स्थल पर पहुंचकर सभी सामग्रियों की खरीदी करते हुए वर्तमान पीढ़ी जो आधुनिकता के कारण कहीं ना कहीं अपनी संस्कृति, अपनी परंपरा,अपनी मान्यताओं से विलग हो रही है उन्हें इससे जोड़ने का सार्थक एवं पवित्र संदेश देने का कार्य किए हैं उन्होंने एक अनौपचारिक चर्चा में कहा है कि समाज के हम जिम्मेदार लोगों और जन्म प्रतिनिधियों का सामाजिक कर्तव्य तथा नैतिक धर्म है कि परंपरागत व्यवसाय को संरक्षित करते हुए संबोधित कर आगे बढ़ाने के लिए कार्य करना चाहिए यही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत की परिकल्पना में ओकल फार लोकल के रूप में समाया हुआ है।

Recent Posts