संदेश – धर्म राष्ट्र एवं समाज के लिए निस्वार्थ समर्पण ही से ही जीवन की है सार्थकता-: मुमुक्षु दीक्षार्थी आस्था बहन शहर की तपोभूमि को धर्म, अध्यात्म एवं दर्शन के क्षेत्र में फिर मिली है एक नई एवं विशिष्ट पहचान-: प्रीतेश गांधी आध्यात्मिक संस्कार का गौरवशाली इतिहास होगा समृद्ध -:राजेंद्र शर्मा आस्था एवं श्रद्धा के धर्ममय पथ से ही सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की परिकल्पना होती है सकार-: पिन्टू यादव धमतरी-: शहर की लुनिया परिवार की बेटी मुमुक्षु आस्था लुनिया संसारिक दुनिया सारे बंधन मोह-माया का त्याग करते हुए संयम, त्याग, तपस्या के मार्ग पर चलते हुए साधना, आराधना, पूजा जप एवं तप के मार्ग पर चलते हुए आगामी 10 दिसंबर को राजस्थान के जयपुर में दीक्षा लेकर जैन धर्म के साध्वी मार्ग में गमन करते हुए धर्म अध्यात्म एवं मानव कल्याण के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने जा रही है। इससे पूर्व आज नगर के जनप्रतिनिधियों द्वारा जिसमें सर्व गुजराती समाज के प्रदेशाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, नगर निगम के पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा, खाद्य विभाग के अध्यक्ष पिंटू यादव पार्षद , कुलेश सोनी, स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष नीलेश लुनिया के द्वारा दीक्षार्थी बहन का श्रीफल भेंट कर सम्मान करते हुए भारत के धर्म अध्यात्म एवं गौरवशाली परंपरा जिसके कारण विश्व पटल पर भारत की अलग पहचान है उसमें अपने मानव जीवन को आगे बढ़ाने के लिए जो कठोर तपस्या के मार्ग को उन्होंने अंगीकृत किये है उसके लिए उन्हें मंगल कामना करते हुए शुभकामनाएं देकर बताया कि शहर के लिए यह फिर एक अद्भुत, अलौकिक अदिव्यतिय क्षण निर्मित करने वाला बताया गया है। संयम के मार्ग पर अग्रसर मुमुक्षु दीक्षार्थी आस्था लुनिया बहन ने अपने सार्थक संदेश मे कहा है की – धर्म, राष्ट्र एवं समाज के लिए समर्पण से ही मानव जीवन की है सच्चा एवं प्रमाणित सार्थकता।उक्त गौरवशाली अवसर पर प्रीतेश गांधी ने कहा है कि धर्म की हमारी धरती में अध्यात्म के क्षेत्र में जो विशिष्ट उदाहरण पुरातन काल में दिए गए हैं उसमें आज एक और नई कड़ी जुड़ गया है जिससे शहर को एक नई एवं विशिष्ट पहचान अध्यात्म,धर्म, एवं दर्शन के क्षेत्र में प्राप्त हुआ है, जो जैन समाज ही नहीं बल्कि सर्व समाज को गौरवान्वित कर प्रेरणादाई है। वही राजेंद्र शर्मा ने कहा है कि शहर ने समय-समय पर अध्यात्म के क्षेत्र में त्याग ,समर्पण के साथ संयम पथ पर अनेक धार्मिक प्रतिभाओं को समर्पित किए हैं मुमुक्षु आस्था बहन द्वारा इस परंपरा को आगे बढ़ते हुए फिर से आध्यात्मिक धरोहर को समृद्ध करने के लिए उनके यह कदम युगों-युगों तक याद किया जाता रहेगा। वही पिन्टू यादव ने शहर के बेटी के इस तपो मार्ग के अनुसरण पर बताया कि धर्म का मार्ग ही भारत के सर्व जनहित आए सर्वजन सुखाय के परिकल्पना को करती है सरकार जो वर्तमान समय में विश्व शांति के लिए सर्वाधिक आवश्यक है।







