छत्तीसगढ़ में सफ़ाई कर्मचारी आयोग के गठन तथा सफ़ाई कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग अब तेज़ हो गई है। इसी क्रम में वाल्मीकि महासभा संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय सफ़ाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह गिल से मुलाक़ात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल ने आयोग अध्यक्ष को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ के सफ़ाई कर्मचारी आज भी सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों तथा अन्य मूलभूत अधिकारों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों का सामना कर रहे हैं। संगठन ने मांग की कि राज्य में शीघ्र सफ़ाई कर्मचारी आयोग का गठन कराया जाए, ताकि कर्मचारियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो सके और उनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सफ़ाई कर्मचारी समाज के उत्थान के लिए राज्य स्तर पर एक सशक्त आयोग का गठन समय की आवश्यकता है। इससे सफ़ाई कर्मचारियों के हितों की निगरानी, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और न्यायपूर्ण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।राष्ट्रीय सफ़ाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह गिल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और संबंधित विषयों पर नियमानुसार आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।प्रतिनिधिमंडल में वाल्मीकि महासभा संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन डागोर, प्रदेश प्रवक्ता संदीप डागोर, प्रदेश कोषाध्यक्ष सुधीर राठौर तथा प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी अविनाश मारोठे शामिल रहे।






