कुरूद के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस नई दिल्ली लेखराम साहू ने कहा कि खाद की कमी ने किसानों को संकट में ला दिया है खेती करें तो किसके भरोसे,बिना खाद के सही उत्पादन नहीं होने से किसान को कोई फायदा भी नहीं हो पाएगा किसान के हितैषी कहे जाने वाले बीजेपी सरकार किसान के चेहरे में न मिटने वाली चिंता की लकीर खींच दिए हैं किसान नेता लेख राम साहू ने कहा कि कई किसान ऐसे हैं जो खेती तो करते हैं लेकिन दस्तावेज पर्याप्त नहीं होने के कारण उन्हें खाद नहीं मिल रही है खुले बाजार में भी टोकन सिस्टम लागू है जिसके चलते ज्यादा दाम में भी उन्हें खाद नहीं मिल रही है खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए शासन प्रशासन ने किसानों को दिए जाने वाले खाद की लिमिट तय कर दी है लिमिट भी इतनी कम है इसके भरोसे खेती संभव नहीं है किसान प्रति एकड़ 2 से 2.5 बोरा युरिया डालते हैं लेकिन इस बार मात्र एक बोरा ही दिया जा रहा है जिसके चलते किसान बहुत परेशान हैं और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है खाद की लिमिट तय किए जाने से किसानों में नाराजगी है उन्होंने बताया कि धान की खेती में वैसे भी किसान घाटा सहते आ रहे हैं उत्पादन अच्छा आने पर ही किसान धान की खेती में कुछ बचा सकते हैं अब खाद में कटौती किए जाने से धान में अच्छा उत्पादन का अवसर भी खत्म हो गया है कुछ किसानों के पिताजी के स्वर्गवास होने से फौत नहीं उठा है ऐसे में उसके आधार कार्ड पर खाद ही नहीं मिल रही है वे पिता की दस एकड़ खेती संभालते आ रहे हैं खाद नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है वे रोजाना खाद की व्यवस्था करने के लिए भटक रहे हैं डबल इंजन की सरकार को किसानों की ऐसी समस्या का समाधान जल्द करना चाहिए ताकि किसान अपनी खेती सही ढंग से कर सके खाद की पर्याप्त भंडारण रखकर किसानों को अच्छा खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए लेकिन इस सरकार ने किसानों को हताश एवं निराश कर दिया है किसान नेता लेख राम साहू ने कहा कि खाद की संकट एवं किसानों की समस्या में सुधार नहीं होने पर डबल इंजन की सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी द्वारा हर सोसाइटी में धरना प्रदर्शन एवं उग्र आंदोलन करेगी






