विपक्ष का असली चेहरा सामने चेतन हिन्दूजा कांग्रेस की मानसिकता हमेशा से ही महिला विरोधी रही धमतरी। लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित न हो पाने पर भाजपा जिला कोषाध्यक्ष चेतन हिन्दूजा ने इसे देश की आधी आबादी का विपक्ष द्वारा किया गया अपमान बताया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर महिलाओं के आरक्षण में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस समेत उसके सहयोगी दलों का असली चेहरा सामने आ गया है। 27 साल तक महिला आरक्षण बिल को लटकाने वाली कांग्रेस ने आज फिर महिला विरोधी चेहरा सबके सामने लाया है। सदन में हंगामा कर, तकनीकी पेंच फंसाकर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को उनके हक से वंचित करने का काम किया है। पीएम मोदी ने महिलाओं के हित मे आरक्षण बिल लाकर एक ऐतिहासिक काम किया था, लेकिन विपक्ष को महिलाओं का सशक्त होना रास नहीं आ रहा है।कांग्रेस की मानसिकता हमेशा से महिला विरोधी रही है चेतन हिन्दूजा ने कहा कि भाजपा ने तीन लाइन का व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रखा, जबकि विपक्ष वोटिंग से भागता रहा। जो लोग लड़की हूं, लड़ सकती हूं’का नारा देते हैं, वही लोग लड़कियों को लोकसभा-विधानसभा में 33 प्रतिशत हक देने के खिलाफ खड़े हो गए। ये दोहरा चरित्र है। कांग्रेस ने महिला हितैषी होने का सिर्फ ढोंग रचा है, अब उनकी दोगली नीति को देश की जनता पहचान चुकी है। देश की आधी आबादी का अपमान करने वाली कांग्रेस पार्टी जब चुनाव के समय इनके बीच वोट मांगने जाएगी जब कांग्रेस को उसकी करनी का सही जवाब महिलाओं द्वारा दिया जाएगा। विधेयक फेल हो सकता है लेकिन भाजपा का संकल्प नहीं श्री हिन्दूजा ने कहा कि विधेयक आज फेल हो सकता है, लेकिन भाजपा का संकल्प नहीं। सड़क से संसद तक महिलाओं के हक की लड़ाई भाजपा पार्टी के द्वारा लड़ी जाएगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम जरूर कानून बनेगा। मोदी सरकार ने जिस तरह तीन तलाक, अनुच्छेद 370 समेत कई महत्वपूर्ण विधेयक को अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति से पास कराया है उसी तरह महिला वंदन विधेयक भी सरकार के द्वारा जरूर पास कराया जाएगा, क्योंकि मोदी जी ने महिलाओं की राजनीति में सशक्त भूमिका सुनिश्चित करना ठान लिया है मोदी जब देश हित का काम ठान ले तो विपक्ष में इतनी ताकत नहीं है कि ज्यादा समय तक उसे रोक सकेंगे। विपक्ष जितना अड़ंगा लगाएगा, जनता 2029 में उतना ही करारा जवाब देगी। महिलाएं देख रही, भाजपा उनके हक के साथ खड़ी है कांग्रेस 60 साल राज करने के बाद भी बिल पास नहीं करा पाई। अब जब मोदी सरकार पास करा रही है तो पेट में दर्द हो रहा है। परिसीमन का बहाना बनाकर 2010 में इन्होंने ही बिल को ठंडे बस्ते में डाला था और आज भी वही साजिश कर रहे हैं। चेतन हिन्दूजा ने कहा कि अब हर घर-घर जाकर महिलाओं को बताया जायेगा कि ‘कौन उनके हक के साथ है और कौन खिलाफ’। भाजपा के कार्यकर्ता आम लोगो को कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों की दोगली नीति से अवगत कराएंगे। महिला आरक्षण से बदली नजर आती राजनीति की तस्वीर विपक्ष जिस विधेयक के रास्ते में दीवार बन रहा है, वह विधेयक महिलाओं की राजनीति में नई भूमिका तय करने वाला है, इस विधेयक से राजनीति की पूरी बदली नजर आती। विधयक के अनुसार लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण किया जाता।एससी-एसटी की आरक्षित सीटों में भी 33 प्रतिशत महिला कोटा होता।परिसीमन के बाद लागू होकर प्रभावी हो जाता। बिल पास होने पर देश की 181 लोकसभा सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाती, लेकिन इस पर विपक्ष ने सिर्फ राजनीति करने के लिए रोक लगा दी है।







