“शासन द्वारा धान खरीदी का अंतिम पड़ाव बना, किसानों के लिए परेशानियों का सबब”

बालोद :– शासन द्वारा सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीदी का अंतिम पड़ाव 31 जनवरी जब नजदीक आने लगा है तो जल्दबाजी के चलते भौतिक -सत्यापन,समर्पण तथा दूसरा -टोकन आदि विषय किसानों के लिये परेशानियों का सबब बनता प्रकट होने लगा है। ऐसा ही मामला बालोद जिले के नगर पंचायत अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित, पलारी शाखा में धान खरीदी को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुआ है। समिति से जुड़े 26 किसानों की धान खरीदी प्रक्रिया विभागीय त्रुटि के कारण अधर में लटक गई है, जिससे किसान असमंजस और चिंता की स्थिति में हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, समिति के अंतर्गत आने वाले 26 किसानों की लगभग 25 एकड़ भूमि में उत्पादित धान की फसल का भौतिक सत्यापन किए बिना ही धान खरीदी का समर्पण कर दिया गया। इस तकनीकी व विभागीय चूक के चलते इन किसानों का धान खरीदी टोकन अमान्य हो गया और वे अब दूसरे टोकन के इंतजार में बैठे हैं।

धान खरीदी रुकने से किसानों में रोष के साथ-साथ आर्थिक नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने शासन की गाइडलाइन के अनुसार फसल तैयार की थी, लेकिन प्रशासनिक गलती का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। किसान अब शासन व प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि आगामी दो-चार दिनों के भीतर उनकी धान खरीदी सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में सेवा सहकारी समिति पलारी के प्रबंधक ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन 26 किसानों की धान खरीदी त्रुटिवश समर्पित हो गई है, उन्हें समय रहते दूसरा टोकन जारी कर धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
फिलहाल किसान आश्वासन के सहारे हैं और शासन के त्वरित हस्तक्षेप की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि उनकी मेहनत की फसल समय पर खरीदी जा सके और उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न हो।







