बालोद के ग्राम दुधली में पाँच दिवसीय राष्ट्रीय जंबूरी का ऐतिहासिक समापन, 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों की सहभागिता
भारतीय कला, संस्कृति और ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना का अद्भुत संगम

बालोद :—मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्काउट एक जीवन पद्धति है, जो चुनौतियों का सामना करना और अभावों में भी अनुशासित जीवन जीना सिखाती है। स्काउटिंग से प्राप्त मूल्य और आदर्श न केवल व्यक्ति के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते हैं, बल्कि राष्ट्र और समाज के नव निर्माण में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री यह उद्गार बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के भव्य एवं रंगारंग समापन समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने देश के विभिन्न राज्यों से पधारे रोवर-रेंजरों एवं स्काउट-गाइड्स का भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
09 से 13 जनवरी तक आयोजित इस पाँच दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग, भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल, राष्ट्रीय महासचिव पी.जी.आर. सिंधिया, राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, भारत स्काउट गाइड जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख, सौरभ लुनिया, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रशासनिक स्तर पर स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा, ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं प्रतिभागी रोवर-रेंजर उपस्थित थे।

समापन समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए रोवर-रेंजरों ने अपनी-अपनी लोक कला, संस्कृति और परंपराओं पर आधारित मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। विशाल जनसैलाब की उपस्थिति में संपूर्ण आयोजन भारतीय संस्कृति के श्रेष्ठ समागम के रूप में देखने को मिला। इस जंबूरी में देश-विदेश से 15 हजार से अधिक रोवर-रेंजरों की सहभागिता रही, जिससे यह आयोजन छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय बन गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह जंबूरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को साकार करती है। सांस्कृतिक झांकियों और गतिविधियों के माध्यम से भारत की विविधता में एकता का सुंदर प्रदर्शन हुआ, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के प्रेरक विचारों का उल्लेख किया और नेतृत्व, सेवा भावना तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कोरोना काल में स्काउट-गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना की तथा ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ की शपथ भी दिलाई।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्काउट-गाइड राज्य अध्यक्ष गजेन्द्र यादव ने जंबूरी को सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जंबूरी के दौरान युवा संसद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आदिवासी संस्कृति आधारित एथनिक फैशन शो विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में डॉ. के.के. खंडेलवाल द्वारा शिक्षा मंत्री श्री यादव को सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल ने कहा कि स्काउटिंग का मूल मंत्र है—अपने कार्यों से दूसरों का भला करना, और सेवा भावना से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव एवं बालोद जिला प्रशासन को इस ऐतिहासिक और सफल आयोजन के लिए भूरी-भूरी सराहना की।







