शहीद कर्नल की बेटी बनीं NTR-NEEL की फिल्म की हीरोइन, ‘कांतारा चैप्टर 1’ में बनेंगी ‘कनकवती’

हैदराबाद: जूनियर एनटीआर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ड्रैगन (एनटीआर 31) के लिए हीरोइन मिल गई है. आज, 1 सितंबर को मेकर ने फिल्म की लीड एक्ट्रेस की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है. इस फिल्म का निर्देशन प्रशांत नील कर रहे हैं.

जूनियर एनटीआर की बहुप्रतीक्षित फिल्म जिसका संभावित शीर्षक ड्रैगन (एनटीआर 31) है, की लीड एक्ट्रेस की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हो गई है. कन्नड़ सिनेमा में अपने शानदार अभिनय से लोगों का दिल जीतने वाली रुक्मिणी वसंत को एनटीआर के साथ मुख्य भूमिका में लिया गया है. प्रोड्यूसर एनवी प्रसाद ने शिवकार्तिकेयन अभिनीत फिल्म ‘मद्रासी’ के प्री-रिलीज इवेंट के दौरान इसकी आधिकारिक पुष्टि की. यह फिल्म 5 सितंबर को रिलीज होने वाली है.

इस मौके पर एनवी प्रसाद ने रुक्मिणी के इंडस्ट्री में विकास के बारे में बात की और उनकी आने वाली फिल्मों के बारे में खुलासा किया. उन्होंने कहा, ‘जब रुक्मिणी को ‘मद्रासी’ के लिए चुना गया था, तब वह एक उभरती हुई एक्ट्रेस थीं. लेकिन अब, वह सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली हसीनाओं में से एक बन गई हैं. वह कांतारा 2, जूनियर एनटीआर की फिल्म और टॉक्सिक की हीरोइन हैं. उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है, और जल्द ही वह कातांरा 2 के प्रमोशन का भी हिस्सा होंगी.’

पिछले कुछ हफ्तों से, सोशल मीडिया पर अटकलें लगाई जा रही थीं कि रुक्मिणी को ड्रैगन में कास्ट किया जाएगा. एनवी प्रसाद के इस बयान के बाद अब यह आधिकारिक हो गया है कि रुक्मिणी जूनियर एनटीआर की फिल्म की हीरोइन होंगी. केजीएफ और सालार जैसी बड़ी ब्लॉकबस्टर फ़िल्में देने वाले प्रशांत नील की निर्देशित ड्रैगन एक हाई-वोल्टेज एक्शन एंटरटेनर होने की उम्मीद है.

फिल्म की शूटिंग की बात करें तो इस पर मेकर्स तेजी से काम कर रहे हैं. हाल ही में कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण शेड्यूल पूरा हुआ और हैदराबाद में अगले शेड्यूल की तैयारी चल रही है. वहीं, खबरें हैं कि स्टार कास्ट में जूनियर एनटीआर, रुक्मिनी के अलावा बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अनिल कपूर को भी एक महत्वपूर्ण भूमिका के लिए चुना गया है, हालांकि उनकी कास्टिंग की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. ऐसी दमदार प्रतिभाओं के साथ, ड्रैगन से उम्मीदें आसमान छू रही हैं.
इस आर्मी ऑफिसर की बेटी है रुक्मिणी
एक्ट्रेस के पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल, कर्नाटक के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन सैन्य सम्मान, अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था. वे 2007 में जम्मू-कश्मीर के उरी में भारत-पाकिस्तान सीमा पार करने वाले भारी हथियारों से लैस घुसपैठियों को रोकते हुए 40 की आयु में शहीद हो गए थे.
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