

अविश्वास प्रस्ताव पारित, कुर्सी नहीं बचा सकी कोटगांव की सरपंच
,,, प्रस्ताव के पक्ष में पड़े नौ मत, विपक्ष में केवल तीन मत पड़े
बालोद:- बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत कोटगांव की सरपंच के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार को चर्चा हुई, पश्चात मतदान की प्रक्रिया में कुल 12 मत पड़े जिसमें नौ मत प्रस्ताव के पक्ष में तथा तीन मत प्रस्ताव के विरुद्ध में पड़े। इस प्रकार तीन के विरुद्ध नौ मत से अविश्वास प्रस्ताव पारित हो सका। इसके साथ ही सरपंच की कुर्सी भी चली गई। अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में सरपंच संघ का विरोध भी काम नहीं आया।
ग्राम पंचायत कोटगांव के नौ पंचों ने सरपंच पति पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन दिया था। परीक्षण पश्चात 29 सितंबर को चर्चा की तारीख तय की गई थी। इसी के तहत आज लगभग 11:45 बजे अविश्वास प्रस्ताव के समर्थक सभी नौ पंच जनपद कार्यालय पहुंचे। सरपंच, सरपंच पति व एक पंच कार्यालय में पहले ही उपस्थित थे। भारी गहमा गहमी के बीच पंचों को सभा कक्ष में पहुंचाया गया। पंचों के पहुंचते ही सरपंच संघ के लोग व कुछ ग्रामीणों ने पंचों का विरोध किया और गेट में जाने से पहले ही घेर लिया। इनके द्वारा सरपंच के खिलाफ मत नहीं देने का दबाव बनाया। इस दौरान खूब धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस के जवान मुस्तेदी के साथ माहौल को शांत कराने में लग रहे। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने पंचों को सभा कक्ष में प्रवेश कराया। इसके बाद लगभग 2 घंटे की चर्चा के बाद मतदान कराया गया जिसमें 9 पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया और सरपंच, सरपंच पति व एक पंच ने प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया। मतगणना के बाद पीठासीन अधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव को पारित घोषित किया।

11ही पहुंच गए थे सरपंच संघ के लोग व ग्रामीण
सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए सोमवार को ही सरपंच संघ ने अपने सभी सरपंचों को जनपद कार्यालय पहुंचने का आदेश दिया था। इसके तहत आज ब्लॉक के सरपंच पहुंचे थे। इनके अलावा ग्रामीण भी पहुंचे हुए थे। यहां पर उन्होंने पंचों के खिलाफ व सरपंच के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। साथ ही जिस रास्ते से पंचों को आना था वहां पर ये जमकर बैठ गए। जब सभी नौ पंच गेट के पास पहुंचे तो उन्हें घेर लिया। इतनी धक्का मुक्की हुई कि कई लोग गेट के सामने ही गिर पड़े, कुछ लोगों के कपड़े भी फट गए। पंचों के सपोर्ट में भी कई लोग पहुंचे थे जो विरोध करने वालों से बचाकर ले जाना चाहते थे। इसी दौरान दोनों पक्ष आपस में भीड़ गए।
किसी के दबाव में नहीं अपने विवेक से लिया है निर्णय
मतदान के बाद सभी नौ पंचों ने कहा कि सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को सभी के एक मत से लाया गया है। हम सब सरपंच पति की मनमानी के खिलाफ थे। वे हमारी कोई भी बात नहीं सुनते थे। इसलिए हम सब ने यह निर्णय लिया था।
पंचो ने आगे कहा कि हम पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है। बल्कि यहां पहुंचने पर कुछ लोगों ने हाथ पकड़कर कर खींचने की कोशिश की। एक महिला पंच ने बताया कि कुछ लोग उनकी साड़ी पड़कर खींच रहे थे। इस दौरान वह गिर भी गई थी। विरोध करने वाले अनाप-शनाप गाली भी दे रहे थे। अविश्वास प्रस्ताव के पास होने पर हमें बहुत खुशी है।






