चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश महापौर जगदीश रामू रोहरा

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी उमेश साहू के द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महापौर ने कांग्रेस के आरोपों पर उठाए सवाल धमतरी। चुनाव आयोग द्वारा 26 सितंबर 2026 को जारी संयुक्त बयान के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। इसी विषय को लेकर भाजपा जिला मीडिया प्रभारी उमेश साहू द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में धमतरी नगर निगम के महापौर जगदीश रामू रोहरा ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल खड़े करने की राजनीति अब तथ्यों के सामने स्पष्ट हो रही है।महापौर जगदीश रामू रोहरा ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपने संयुक्त बयान में स्पष्ट किया है कि SIR से संबंधित प्रमुख निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार 24 जून 2025 को SIR लागू करने का आदेश तथा बाद में जारी कार्यक्रम भी आयोग की सर्वसम्मत स्वीकृति से जारी हुए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार जिस प्रकार के सवाल उठाए जा रहे थे, उनके बीच आयोग का यह स्पष्ट बयान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र पर भी आयोग ने दिया स्पष्टीकरण महापौर ने कहा कि विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग के भीतर मतभेद और SIR से जुड़े नीतिगत निर्णयों को लेकर कई तरह की बातें कही जा रही थीं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत विषय अथवा आयोग के IT Division से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कार्य से संबंधित था। आयोग ने यह भी कहा कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी कार्य-वितरण आदेशों को दोनों आयुक्तों के निर्देशों के बाद लागू नहीं किया गया था। रोहरा ने कहा कि ऐसे में मीडिया रिपोर्टों अथवा राजनीतिक आरोपों के आधार पर संवैधानिक संस्था के खिलाफ धारणा बनाने के बजाय तथ्यों को सामने रखना चाहिए।फॉर्म-6 को लेकर भी स्थिति स्पष्ट महापौर ने कहा कि फॉर्म-6 को लेकर भी विपक्ष द्वारा जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया। चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा है कि SIR के लिए फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया है। आयोग ने साथ ही पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं।उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न रहे, इसके लिए आयोग ने विशेष अभियान और सहायता व्यवस्था की बात कही है। गोवा में छूटे हुए मतदाताओं के मामले में BLO द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करने की व्यवस्था का भी उल्लेख आयोग ने किया है। मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रक्रिया को और सरल किया गया जगदीश रामू रोहरा ने बताया कि चुनाव आयोग ने SIR के दौरान नोटिस प्राप्त करने वाले ऐसे मतदाताओं के लिए प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाया है, जिनके रिकॉर्ड में unmapped अथवा logical discrepancy जैसी स्थिति सामने आई है।आयोग के अनुसार अब ऐसे मामलों में BLO संबंधित मतदाता के घर जाकर दस्तावेज एकत्र कर सकते हैं और उन्हें ECINET पर अपलोड करेंगे। सामान्य परिस्थितियों में मतदाता को व्यक्तिगत रूप से ERO/AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल विशेष परिस्थितियों में सुनवाई होगी और उसे यथासंभव ऑनलाइन रखा जाएगा। इसके अलावा गरीब, मजदूर, बेघर, रात्रि आश्रय में रहने वाले लोगों आदि के लिए पर्याप्त हेल्प डेस्क एवं विशेष शिविर आयोजित करने की व्यवस्था भी आयोग ने बताई है। ECINET को लेकर भी आयोग ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय महापौर ने कहा कि चुनाव आयोग ने ECINET पोर्टल की समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी व्यवस्था चुनाव संबंधी कानूनों एवं नियमों के अनुरूप संचालित हो।कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर राजनीति करने का आरोप रोहरा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा लगातार चुनाव आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन आरोप तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होने चाहिए।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का संयुक्त बयान सामने आने के बाद SIR, फॉर्म-6 और आयोग के निर्णयों को लेकर लगाए गए कई राजनीतिक आरोपों की वास्तविकता जनता के सामने आ गई है।उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है। किसी राजनीतिक दल को अपनी हार का विश्लेषण करना चाहिए, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाकर उनकी विश्वसनीयता को प्रभावित करने का प्रयास नहीं होना चाहिए।राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के पुराने आरोपों का भी किया उल्लेख प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर समय-समय पर लगाए गए आरोपों का भी उल्लेख किया गया। महापौर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया, EVM, मतदाता सूची, न्यायपालिका तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस की ओर से लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन जब संवैधानिक संस्थाएं स्वयं अपने निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करती हैं, तब उन तथ्यों को भी जनता के सामने रखना चाहिए।भाजपा का संदेश लोकतंत्र में तथ्य और संस्थाओं का सम्मान जरूरी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी  उमेश साहू ने कहा कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य जनता के सामने चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण के तथ्यों को रखना है, ताकि SIR और मतदाता सूची को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम की वास्तविक स्थिति जनता समझ सके।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है कि मतदाता सूची शुद्ध हो, प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संचालित हो।उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान में विश्वास करती है तथा जनता से अपील करती है कि किसी भी विषय पर सोशल मीडिया अथवा राजनीतिक बयान के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक तथ्यों को देखें।प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के पदाधिकारी एवं मीडिया से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।प्रमुख संदेश:चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर स्थिति हुई स्पष्ट—भाजपा ने कहा, राजनीति से ऊपर तथ्य और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी।

 

 

 

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