विशेषज्ञों की निगरानी में हो रहा बेहतर उपचार एवं देखभाल धमतरी। के गंगरेल के वन क्षेत्र में घायल अवस्था में मिले भारतीय अजगर (Python molurus) का वन विभाग की टीम द्वारा सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर आवश्यक उपचार कराया गया। 8 अगस्त को रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित रूप से वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया, जहां उसके स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की व्यवस्था की गई।वन परिक्षेत्र अधिकारी धमतरी प्रधान एवं डिप्टी रेंजर राकेश तिवारी की उपस्थिति में अजगर का पशु चिकित्सा परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान उसके सिर, पूंछ एवं शरीर के विभिन्न हिस्सों में गहरे घाव के निशान पाए गए। प्रथम दृष्टया इन चोटों के किसी कठोर वस्तु अथवा पत्थर से प्रहार के कारण होने की संभावना व्यक्त की गई।डॉ. मयंक पटेल ने प्राथमिक उपचार किया । अजगर को आवश्यक प्राथमिक उपचार एवं दवाएं दी गईं। उपचार के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर रही। डिप्टी रेंजर श्री राकेश तिवारी ने बताया कि अजगर की बेहतर देखभाल एवं समुचित उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसे शनिवार रात छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित जंगल सफारी में विशेष देखभाल के लिए भेजा गया है। वहां विशेषज्ञों की निगरानी में उसका बेहतर उपचार एवं देखभाल की जा रही है।रेस्क्यू एवं उपचार की कार्रवाई में सर्प मित्र नीरज पांडेय का विशेष सहयोग रहा। वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील करते हुए कहा गया है कि किसी भी घायल अथवा संकटग्रस्त वन्यजीव के मिलने पर उसे स्वयं पकड़ने या नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें। वन्यजीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है।






