
20 साल की सजा: नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले दो आरोपियों को कठोर कारावास, ₹1 लाख जुर्माना

बालोद। नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के मामले में बालोद की विशेष एनडीपीएस अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
माननीय विशेष न्यायाधीश (एन.डी.पी.एस.) श्रीमती श्वेता उपाध्याय गौर, जिला बालोद ने 28 जुलाई 2026 को पारित निर्णय में आरोपी सुमीत सोनी (25 वर्ष) एवं मनीष कुमार निर्मलकर (35 वर्ष), दोनों निवासी टीचर कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 7, दल्लीराजहरा को धारा 8 सहपठित धारा 22 (C) एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1,00,000-₹ के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने न्यायालय में पैरवी की। अभियोजन के अनुसार 27 फरवरी 2024 को मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने टीचर कॉलोनी स्थित एक गार्डन के पास छापा मारकर दोनों आरोपियों को नशीली दवाओं की अवैध बिक्री करते हुए गिरफ्तार किया। मौके से एल्प्राजोलम एवं स्पास-ट्रानकेन प्लस सहित कुल 1756.8 ग्राम नशीली दवाएं बरामद की गईं।
जांच के दौरान आरोपियों के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर यह खुलासा हुआ कि नशीली दवाएं मुकेश उर्फ मुक्कू निर्मलकर के माध्यम से लाई गई थीं। आगे की विवेचना में सामने आया कि मुकेश और अभिषेक उर्फ विक्क राव चारामा के पास एक अज्ञात व्यक्ति से यह नशीली दवाएं खरीदकर लाए थे और सुमीत सोनी तथा मनीष निर्मलकर के माध्यम से उनकी बिक्री करवा रहे थे।
संपूर्ण विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण की विवेचना सहायक उप निरीक्षक सूरज साहू, उप निरीक्षक उमा ठाकुर तथा सहायक उप निरीक्षक कांताराम घिलेन्द्र ने की।
न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर आरोपियों का अपराध सिद्ध मानते हुए उन्हें उक्त कठोर दंड से दंडित किया।






