धमतरी स्वर्गीय यशवंत साहू शिक्षक के पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित मानव धर्म सत्संग समारोह के अंतर्गत सद्भावना के अग्रदूत सद्गुरु सतपाल महाराज की आत्मा अनुभवी महात्मा दीप्ति बाई ने कहा कि मानव जीवन के दोनों पांव मजबूत होने चाहिए भौतिक एवं आकस्मिक विकास रूपी पाव थोड़ा भी छोटे बड़े होने से जीवन बिगड़ा है अर्थात बीमारियों का घर बन जाता है अतः आध्यात्मिक विकास हेतु सत्संग मानव जीवन की अनिवार्यता होना चाहिए कार्यक्रम के शुभारंभ पूर्व विधायक कुरूद लेख राम साहू राष्ट्रीय समन्वयक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस नई दिल्ली ने महाराज के दिव्य छवि का माल्याप्रेण करके किए किए आयोजन में श्रोतागण विभिन्न वार्डों उपस्थित रहे एवं मानव उत्थान सेवा समिति जिला प्रधान अशोक नेताम पूरन नेताम जोहित नेताम देवव्रत नेताम सोमनाथ साहू प्रेमु राम साहू ऋषभ साहू दुलारी साहू रीना साहू मूर्ति साह पार्षद सुमन सोमेश नेताम रामलाल साहू ज्ञानेंद्र गुप्ता आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन तोरण लाल साहू समिति प्रधान सहायक द्वारा किया गया जीवन मुक्ति पर बोलते हुए मां दीक्षाता बाई जी ने कबीर वाणी ने कहा कि कोटि नमन संसार में ताते मुक्ति न होय आदि नाम जो मुक्त जय निराला बझे कोय राम के आदि नाम को सत्संग के माध्यम से एवं सद्गुरु कृपा से जागकर भजन करने से मुक्त होती है महात्मा पारुल बाई ने मानव जीवन की नश्वरता का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य तन नश्वर है परंतु तन में अनस्वर है है अतः नश्वर जीवन को भी प्राण राम की साधना करके सफल एवं समृद्ध बनाए जा सकती है







