कि वह मानवता में जीये । मानव धर्म का दस सार्वभौम लक्ष्य शास्त्र निहित है । यह कि हम किसी भी देश अवस्था , संप्रदाय , वर्ण के साथ किसी भी परंपरा के साधक हों या सामान्य प्राणी ही ! सबके लिए ही इनका पालन आवश्यक है , इसीलिए इसे सार्वभौम धर्म कहा गया है ।। वह है:- (1) मन में धैर्य धारण करना – (2) क्षमाशील (3) मनोनिग्रह (4) अस्तेय (5) बाहर / भीतर पवित्रता (6)इंद्रिय निग्रह (7) सात्विक बुद्धि ( 8 ) जगत में रहते चित्त में शुद्धि व अध्यात्म में रुचि (9)सत्य ही बोलना (1o ) क्रोध में संयम ।। यह मार्ग जरूर ही काँटों के ताज जैसा है पर जो भी मानव इस राह चले वे निश्चित ही महामानव हो रहे । इस कलियुग में इससे बाह्य कष्ट की संभावना जरूर ही आ सकती है पर अनुभवगम्य है कि आंतरिक जीवन सुखद ही हो रहता है ।। हम सबका ही यह पवित्र अभियान जिसमें इस गुरु सेवक के अति सम्मानीय स्वामी राजेंद्र देव महाराज संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष – संत सुरक्षा मिशन / राष्ट्रीय इच्छा पूर्ति दर्शन यात्रा 2026 – 2027 और परम श्रद्धेय महर्षि राजर्षियानंद सरस्वती महाराज – राष्ट्रीय संयोजक अन्य परम पूज्यनीय जगद्गुरु महामंडलेश्वर महंत महामनीषी , मनीषी , पीठाधीश्वर संत आचार्य के सफल सानिध्य में निकल पड़े है अस्तित्व की पवित्र प्रेरणा से , पूरे ही आत्मीय जन – मानस में अलख जगाने कि सत्य क्या है उसे जाने और जानकर उसमें ही जीयें । आइए हम सब ही इस पवित्र पथ ( राष्ट्रीय इच्छा पूर्ति दर्शन यात्रा 2026 – 2027 ) में अपनी सर्व — सहभागिता देवें और अपनी मूल प्रवृति ( सत्य मेव जयते ) जो ईश्वर ही प्रदत्त है , आत्मसात कर अपने इस अमूल्य जीवन को कृतार्थ कर जावे ।। सविनय – जानकी वल्लभ तीर्थ ( जानकी प्रसाद शर्मा ) राष्ट्रीय संयोजक , संत सुरक्षा मिशन / राष्ट्रीय इच्छा पूर्ति दर्शन यात्रा 2026 – 2027 ।। शुभमस्तु







