साथ काम करने वाले ही निकले हत्यारे,मजदूरी बढ़ाने के विवाद से उपजी रंजिश बनी हत्या की वजह,पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत हत्या कर नगदी एवं मोबाइल लूटकर हुए थे फरार एसपी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में गठित विशेष टीमों की सटीक एवं त्वरित कार्यवाही, तीन आरोपी गिरफ्तार, दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता उजागर धमतरी पुलिस की बड़ी सफलता : हत्या एवं लूट की सनसनीखेज वारदात का 48 घंटे के भीतर खुलासा थाना नगरी क्षेत्र में घटित हत्या एवं लूट की सनसनीखेज वारदात का धमतरी पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर एक बार फिर अपनी त्वरित एवं प्रभावी कार्यशैली का परिचय दिया है। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेष जांच टीमों के गठन के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी नगरी, थाना प्रभारी नगरी एवं साइबर थाना की संयुक्त टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना एवं वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करते हुए पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश किया। कार्यवाही के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों की संलिप्तता भी उजागर हुई।विवेचना के दौरान ज्ञात हुआ कि मृतक विप्लव मंडल, जो निजी फिश फार्म का संचालन करता था, उसके यहां आरोपी मजदूरी करते थे। मजदूरी बढ़ाने की मांग पूरी नहीं होने तथा मृतक द्वारा लगातार अपमानजनक व्यवहार एवं गाली-गलौज किए जाने से आरोपी लंबे समय से रंजिश रखने लगे थे।इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने 25 जून 2026 को हत्या की योजना बनाई थी, किन्तु परिस्थितिवश उसे अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद उन्होंने पुनः सुनियोजित षड्यंत्र रचते हुए 27 जून 2026 को हत्या एवं लूट की वारदात को अंजाम देने का निर्णय लिया।पूर्व योजना के अनुसार आरोपियों ने मृतक की गतिविधियों पर नजर रखी और उसके नगरी बाजार से मछली बिक्री कर लौटने की जानकारी मिलते ही गोरेगांव-भैंसमुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल क्षेत्र में घात लगाकर बैठ गए। मृतक के वहां पहुंचते ही आरोपियों ने लकड़ी के डंडों एवं धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद मृतक के पास रखी मछली बिक्री की नगदी राशि एवं मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए तथा लूटी गई रकम का आपस में बंटवारा कर लिया।मर्ग जांच, गवाहों के कथनों, तकनीकी साक्ष्यों एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना नगरी में अपराध क्रमांक 53/2026, धारा 103(1), 309(6), 311 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। नगरी पुलिस एवं साइबर टीम द्वारा लगातार पतासाजी, तकनीकी विश्लेषण एवं सघन पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उनके मेमोरेण्डम कथनों एवं निशानदेही के आधार पर घटना में लूटी गई संपूर्ण नगदी, मृतक के मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त हथियार एवं वाहन सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए, जिससे हत्या एवं लूट की पूरी साजिश का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ।गिरफ्तार आरोपी का नाम(01) टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम, पिता यशवंत नेताम, उम्र 19 वर्ष ( 02) सुरेंद्र यादव, पिता रमन यादव, उम्र 26 वर्ष (03) जगदीश विश्वकर्मा, पिता धनीराम विश्वकर्मा, उम्र 50 वर्ष सभी निवासी – ग्राम बोईरगांव, थाना मैनपुर, जिला गरियाबंद।प्रकरण में संलिप्त दो विधि से संघर्षरत बालकों को भी चिन्हित किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा जा रहा है, जबकि दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को सामाजिक पृष्ठभूमि प्रतिवेदन तैयार कर माननीय किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रमुख जप्ती-:आरोपियों के मेमोरेण्डम कथनों एवं निशानदेही के आधार पर धमतरी पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त हथियार, वाहन, लूटी गई नगदी राशि एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की सफलतापूर्वक बरामदगी की गई। कार्यवाही के दौरान आरोपियों एवं विधि से संघर्षरत बालकों के कब्जे से लूट की कुल 37,800/- रूपये नगद राशि, मृतक के 02 मोबाइल फोन, घटना की योजना एवं संपर्क के लिए प्रयुक्त 04 मोबाइल फोन कुल 06 नग मोबाइल फोन,वारदात में प्रयुक्त 03 लकड़ी के डंडे, 02 लोहे के चाकू, 02 मोटरसाइकिल तथा घटना से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य विधिवत जप्त किए गए। बरामद समस्त सामग्री को प्रकरण में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है, जिससे हत्या एवं लूट की पूर्व नियोजित साजिश में आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित हुई है।







