“हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष: पत्रकारिता आज बड़ी चुनौती”

पत्रकारिता के क्षेत्र में सुविधाएं तो बढ़ी, लेकिन संघर्ष ज्यादा बढ़ा,,,डॉ परदेसी राम वर्मा

,,,हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर सिटी प्रेस क्लब बालोद का संक्षिप्त आयोजन
,,,,प्रसिद्ध साहित्यकार परदेसी राम वर्मा, शिक्षाविद व साहित्यकार डॉ रजनी नेल्सन, पूर्व अपर कलेक्टर जी पी राणा ने दिया विशेष वक्तव्य

बालोद :–सिटी प्रेस क्लब बालोद के कार्यालय में हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विशेष रूप से प्रसिद्ध साहित्यकार व उपन्यासकार डॉक्टर परदेसी राम वर्मा, शिक्षाविद व पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी डॉक्टर रजनी नेलसन, पूर्व अपर कलेक्टर व आदिवासी समाज के नेता जी पी राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में परदेशी राम वर्मा ने कहा कि पूर्व की पत्रकारिता और अब की पत्रकारिता में काफी अंतर है। पहले लोगों के पास सुविधा नहीं थी लेकिन शांति थी। आज तमाम तरह की सुविधाये उपलब्ध है लेकिन परेशानी कहीं ज्यादा बढ़ी है। आज पत्रकारिता एक चैलेंज के रूप में हो चुका है। उन्होंने कहा कि अनेक प्रकार की परेशानियों को झेलते हुए आज भी पत्रकारिता देश के विकास में अपनी महती भूमिका निभा रहा है। सिटी प्रेस क्लब के इस तरह संक्षिप्त आयोजन की उन्होंने प्रशंसा की।

कार्यक्रम में सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष टीकम पिपरिया ने समस्त अतिथियों का परिचय दिया व स्वागत उद्बोधन दिया। सिटी प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष मोइन खान, महासचिव प्रकाश उपाध्याय,कोषाध्यक्ष जुनैद कुरैशी, सचिव गुलाब दीवान, सह सचिव हरिवंश देशमुख, मीडिया प्रभारी बोधन भट्ट, सह सचिव केशव सिन्हा, मीडिया सह प्रभारी तिलक देशमुख, सलाहकार मंडल सदस्य उदे राम साहू, सहित क्लब के सदस्य के अलावा बालोद जिले के प्रसिद्ध साहित्यकार
डाॅ. अशोक आकाश, स्मिता वर्मा, प्रतिभा वर्मा, मधु वर्मा, श्रीमती यमुनोत्री वर्मा मौजूद रहे।

*निस्वार्थ सेवा है पत्रकारिता,,, डॉ रजनी नेलसन*
आयोजन में प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉक्टर रजनी नेलसन ने कहा कि पत्रकारिता विशुद्ध रूप से सेवा कार्य है। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्र की और छोटे शहरों की पत्रकारिता काफी संघर्षशील है। यहां पर पत्रकारों की कोई निश्चित आय नहीं होती है इसके बावजूद समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निर्बाध रूप से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतना सब कुछ करने के बाद भी पत्रकारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पत्रकारों का पूरा जीवन समाज को समर्पित रहता है। समाज को जागरूक करने में उन्होंने सिटी प्रेस क्लब के आयोजनों की सराहना की।

*संघर्ष से ना घबराएं पत्रकार ,,,जीपी राणा*
चर्चा में पूर्व अपर कलेक्टर व आदिवासी समाज के नेता जी पी राणा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का इतिहास स्वर्णिम रहा है। पत्रकार किसी संकट या परेशानी में ना घबराये और दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ समाज में अपनी भूमिका निभाते रहें, क्योंकि समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने के लिए पत्रकारिता ही एकमात्र माध्यम है, जो सहजता और सरलता के साथ लोगों के बीच पहुंच जाता है। सिटी प्रेस क्लब के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से लोगों में जागरुकता आएगी।

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