जल जतन पखवाड़ा के अंतिम दिन आज तांदुला जलाशय के मनोरम तट से जल, थल एवं नभ में जल संरक्षण का दिया गया संदेश
10 दिनों तक चलने वाली इस अभियान के दौरान
किया गया विविध कार्यक्रम का आयोजन
बालोद :–कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चंद्रवाल ने कहा कि पानी मनुष्य के अलावा पेड़, पौधों, पशु-पक्षियों सहित सभी जीव जगत के लिए अत्यंत आवश्यक एवं अनमोल है। उन्होंने कहा कि हमारे आने वाली भविष्य की रक्षा के लिए पानी का विवेकपूर्ण उपयोग एवं इनका संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। चन्द्रवाल ने कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन के उपाय करना केवल शासन एवं प्रशासन की बस की बात नही है, अपितु इस कार्य में समाज के सभी वर्गों का सहयोग और जनभागीदारी भी नितांत आवश्यक है।
श्री चन्द्रवाल आज जिला प्रशासन द्वारा जिले में पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के उपाय सुनिश्चित करने हेतु 12 से 21 मार्च से चलाए जा रहे जल जतन पखवाड़ा के अंतिम दिन आज तांदुला जलाशय के तट पर आयोजित जल जतन पखवाड़ा के समापन समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि जल जतन पखवाड़ा के अंतिम दिन आज जिले के प्रसिद्ध तांदुला जलाशय के मनोरम तट में आयोजित समारोह के अवसर पर कलेक्टर चन्द्रवाल एवं अतिथियों के द्वारा भूमि पर वृक्षारोपण कर तथा आसमान में गुब्बारा छोड़कर एवं तांदुला जलाशय में पोस्टर के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश देकर जल, थल एवं नभ में पानी के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देने का प्रयास किया गया।
समारोह में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, वनमण्डलाधिकारी बीएस सरोटे, उप वनमण्डलाधिकारी सुश्री डिम्पी बैस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा स्व सहायता समूह की महिलाएं, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अभिनव प्रयासों से जल, थल एवं नभ में पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के संदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार से समूचा वातावरण जल जतन अभियान से सराबोर हो गया था।
कलेक्टर ने कहा कि आम जनता के सहयोग से जिले में 12 मार्च से आज 21 मार्च तक सफलतापूर्वक जल जतन पखवाड़ा का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण अभियान में समाज के सभी वर्ग के लोगों ने अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि आगे भी जिले में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। श्री चन्द्रवाल ने पानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे पास उपयोगी पानी के स्त्रोत बहुत ही सीमित है। इसे ध्यान में रखते हुए हम सभी को पानी का विवेकपूर्ण उपयोग और इसके संरक्षण एवं संवर्धन में विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पानी की महत्व की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने हेतु आने वाले समय में भी वृहद स्वरूप मेें जल जतन अभियान चलाया जाना बहुत ही आवश्यक है। श्री चन्द्रवाल ने इस कार्य में सभी वर्ग के भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के जल संरक्षण के उपायों के अंतर्गत किसानों द्वारा ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसलों का उत्पादन किया जा रहा है जो कि बहुत ही सराहनीय है। इस अवसर पर उन्होंने जल जतन पखवाड़ा एवं जल संरक्षण के उपायों के अंतर्गत जिले में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उनकी संपूर्ण टीम के कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने कहा कि जिले के गुरूर विकासखण्ड में भूजल स्तर अत्यंत नीचे चले जाने से वर्तमान में पूरे प्रदेश में गुरूर विकासखण्ड क्रिटीकल जोन में शामिल है। इसे ध्यान में रखते हुए पूरे जिलेवासियों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सचेत रहने की आवश्यकता है। इसी के मद्देनजर 12 मार्च से जल जतन पखवाड़ा का आयोजन किया गया है। जिसमें समाज के सभी वर्ग के लोगों का भरपूर सहयोग मिला। वनमण्डलाधिकारी बीएस सरोटे ने कहा कि पानी हम सभी के लिए अमूल्य है। उन्होंने कहा कि जल है तो हमारा वर्तमान एवं भविष्य सुरक्षित है। इसलिए इसका उचित उपयोग के साथ-साथ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण अभियान एवं जल जतन पखवाड़ा को सफल बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निर्वाह करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में लाईवलीहुड काॅलेज पाकुरभाट के प्रशिणार्थियों के द्वारा जल संरक्षण के उपायों के संबंध में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई। इस अवसर पर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, वनण्डलाधिकारी एवं अधिकारियों ने तांदुला जलाशया का भ्रमण कर आम जनता को जल संरक्षण का संदेश भी दिया।